Advertisement

Russia Ukraine War: 3 साल बाद रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग थमेगी, ट्रंप और पुतिन की बातचीत पर टिकी दुनिया की निगाह

Russia Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष विराम समझौत के लिए राष्ट्रपति ट्रंप और पुतिन के बीच अहम वार्ता होने वाली है. इस बातचीत पर पूरी दुनिया की नजर है, क्योंकि यहां से आम सहमति का रास्ता बन सकता है.

Latest News
Russia Ukraine War: 3 साल बाद रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग थमेगी, ट्रंप और पुतिन की बातचीत पर टिकी दुनिया की निगाह

ट्रंप और पुतिन की बातचीत पर पूरी दुनिया की नजर

Add DNA as a Preferred Source

रूस और यूक्रेन (Russia Ukraine War) के बीच तीन साल से ज्यादा वक्त से जंग जारी है. इस युद्ध की वजह से सिर्फ यूरोप ही नहीं बल्कि दुनिया के बाकी देश भी किसी न किसी तरह से प्रभावित हो रहे हैं. तीन साल बाद युद्ध खत्म होने की उम्मीद जग रही है. मंगलवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) और रूस के प्रेसिडेंट व्लादिमीर पुतिन (Putin) के बीच अहम वार्ता होगी. इस बातचीत के नतीजों पर पूरी दुनिया की उम्मीद टिकी हुई है. ट्रंप स्पष्ट तौर पर यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से युद्ध विराम कर समझौता करने के लिए कह चुके हैं. उम्मीद की जा रही है कि दोनों देश समझौते पर पहुंच सकते हैं और संघर्ष विराम हो जाएगा. 

डोनाल्ड ट्रंप ने वार्ता से पहले दिए बड़े संकेत 

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को खत्म करने के लिए यह वार्ता अहम है. इसके संकेत खुद अमेरिका के प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump)ने दिए हैं. उन्होंने वार्ता की पुष्टि करते हुए यूक्रेन से युद्ध समाप्ति के लिए बातचीत करने की बात कही है. क्रेमलिन ने भी राष्ट्रपति पुतिन की वार्ता के लिए सहमति देने की पुष्टि करते हुए कहा कि बातचीत किस मुद्दे पर होगी, इसे गोपनीय रखा जा रहा है. माना जा रहा है कि अगर यह बातचीत सफल रहती है तो तीन साल से जारी जंग पर विराम लग जाएगा. इस वार्ता में युद्ध विराम के अलावा कई और मसलों पर भी सहमति बन सकती है. 


यह भी पढ़ें: PM Modi ने Podcast में ऐसा क्या कहा कि चीन बोला-'ड्रैगन-हाथी डांस ही एकमात्र सही विकल्प है'


इन अहम मुद्दों पर बन सकती है सहमति 

अमेरिका और रूक के राष्ट्राध्यक्षों (Trump Putin Talks) के बीच वार्ता में कई अहम मुद्दों पर सहमति बन सकती है. रूस ने 2022 में यूक्रेन पर हमला किया था और उसके चार प्रमुख क्षेत्रों- डोनेत्स्क, लुहान्स्क, खेरसॉन और जापोरिज्जिया पर कब्जा जमा लिया है. 2014 में ही रूस ने क्रीमिया पर भी कब्जा कर लिया है. इन सभी क्षेत्रों को लेकर कोई अहम सहमति इस वार्ता के जरिए निकल सकती है. इसके अलावा, रूस के पास अभी यूरोप का सबसे बड़ा परमाणु संयत्र जापोरिज्जिया है. इसे लेकर संयुक्त राष्ट्र भी कई बार अपनी चिंता जाहिर कर चुका है. अंतर्राष्ट्रीय मामलों के विश्लेषकों का मानना है कि इस पर भी कोई अहम समझौता किया जा सकता है. 


यह भी पढ़ें: PM Modi के साथ सेल्फी लेने वाली इटली की PM पर माफिया की मदद का आरोप, बुरी तरह से घिरीं


अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए जुड़ें हमारे गूगलफेसबुकx,   इंस्टाग्रामयूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement