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सैनिकों के शवों की वापसी-कैदियों की अदला बदली! रूस-यूक्रेन में इन शर्तों पर सीजफायर, जानें पूरी बात

तुर्कीये की राजधानी इस्तांबुल में 2022 के बाद शांति वार्ता की दूसरे दौर की बैठक सोमवार को हुई. दोनों देशों में कुछ मुद्दों को लेकर बात बनी है. जिसमें मारे गए 12 हजार सैनिकों के शवों को वापस लौटाने पर सहमती बनी है.

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सैनिकों के शवों की वापसी-कैदियों की अदला बदली! रूस-यूक्रेन में इन शर्तों पर सीजफायर, जानें पूरी बात

Russia Ukraine War

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तुर्किये के इस्तांबुल शहर में सोमवार को रूस और यूक्रेन के बीच युद्धविराम को लेकर हुई बैठक हुई. करीब एक घंटे चली इस बैठक में दोनों देशों के प्रतिनिधियों के तेवर सख्त थे. तत्काल सीजफायर पर कोई निर्णय नहीं हो सका, लेकिन युद्धबंदियों की अदलाबदली को लेकर एक बार फिर समझौता हुआ है. रूस के प्रतिनिधि मेडिंस्की ने बताया कि बैठक में युद्ध के दौरान मारे गए 12 हजार सैनिकों के शवों को वापस लौटाने पर सहमति बनी है. ताकि इन सैनिकों का सम्मानजनक अंतिम संस्कार उनके रिती-रिवाज के अनुसार किया जा सके. उन्होंने कहा कि ग्रे जोन के जरिए शवों को सौंपा जाएगा. हालांकि, शवों को निकालने के लिए उस क्षेत्र में सीजफायर जरूरी है. 

यद्ध बंदियों की अदली-बदली पर सहमति 

इस शांति वार्ता में रूस-यूक्रेन के बीच 1,000-1,000 युद्धबंदियों की अदला-बदली पर सहमति बनी है. जल्द ही ये प्रक्रिया शुरू की जाएगी. गंभीर रूप से घायल और बीमार सैनिकों की अदला-बदली पर दोनों पक्षों की सहमति बनी. 25 साल से कम उम्र के युवा सैनिकों को भी इस समझौते के दायरे में  शामिल किया गया है. 

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रूस ने बताया है कि यूक्रेन को तीन प्रमुख भागों वाला एक औपचारिक शांति मेमोरेंडम सौंपा गया है. उन्होंने कहा कि यूक्रेन ने 20 जून से 30 जून के बीच शांति वार्ता पर आगे की बातचीत का प्रस्ताव रखा है. जानकारी के अनुसार, ये मेमोरेंडम लंबे समय के लिए शांति की दिशा में एक ठोस कदम हो सकता है. कीव के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने वाले यूक्रेनी रक्षा मंत्री रुस्तम उमरोव ने कहा कि रूस के मेमोरेंडम पर पुनर्विचार किया जाएगा. 

रूसी दस्तावेज की ये शर्तें 

रूसी दस्तावेज में आगे प्रस्ताव दिया गया, "यूक्रेन मार्शल लॉ समाप्त करे और चुनाव कराए, जिसके बाद दोनों देश एक व्यापक शांति संधि पर हस्ताक्षर कर सकते हैं. यूक्रेन नाटो में शामिल होने के अपने प्रयास को त्याग दे. यूक्रेन अपने सशस्त्र बलों के आकार पर सीमा निर्धारित करेगा और यूक्रेनी भाषा के समान रूसी भाषा को देश की आधिकारिक भाषा के रूप में मान्यता देगा." 

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