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Pope Francis की मौत से पहले ही अंतिम संस्कार का रिहर्सल, कब्र और ताबूत तैयार, इस बीमारी से पीड़ित है पादरी

पोप फ्रांसिस अपना अंतिम संस्कार रोम के सांता मारिया मैगीगोर बेसिलिका कब्र में चाहते हैं. पोप की सुरक्षा करने वाले स्विस गार्ड उनके अंतिम संस्कार की रिहर्सल कर रहे हैं.

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Pope Francis की मौत से पहले ही अंतिम संस्कार का रिहर्सल, कब्र और ताबूत तैयार, इस बीमारी से पीड़ित है पादरी
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Pope Francis funeral rehearsal: क्या आपने कभी सुना है कि मरने से पहले किसी के अंतिम संस्कार की रिहर्सल शुरू की गई हो. नहीं! तो हम आपको बताते हैं. रोम के पोप फ्रांसिस के मरने से पहले अंतिम संस्कार की रिहर्सल की जा रही है. 88 साल के पोप फ्रांसिस निमोनिया से पीड़ित हैं. वेटिकन में उनके अंतिम संस्कार को लेकर रिहर्सल की जा रही है. पोप को ईसाई धर्म में सर्वोच्च पद का दर्जा दिया गया है. वे दुनिया भर के सभी चर्चों के प्रमुख होते हैं.

बता दें, 88 साल के पोप फ्रांसिस को 14 फरवरी को रोम के जेमेली अस्पताल में भर्ती कराया गया था. वहीं, डॉक्टरों ने उनकी हालात को स्थिर बताया है, लेकिन कहा जा रहा है कि इस बार पोप शायद ही बच पाए. हाल ही में पोप ने भी अपने करीबियों से कहा कि वे शायद ही इस बार बच पाएं.

अंतिम संस्कार के लिए रिहर्सल शुरू
मैक्सिकन प्रसारक के हवाले से न्यूयॉर्क टाइम्स लिखता है- पोप फ्रांसिस अपना अंतिम संस्कार रोम के सांता मारिया मैगीगोर बेसिलिका कब्र में चाहते हैं. कहा जा रहा है कि अंतिम संस्कार के दौरान पोप की इस इच्छा को पूरी की जा सकती है. वहीं, स्विस अखबार ब्लिक का दावा है कि 88 वर्षीय पोप की सुरक्षा करने वाले स्विस गार्ड उनके अंतिम संस्कार की रिहर्सल कर रहे हैं. 

पोप ने बदले नियम
आमतौर पर पोप के निधन के बाद उन्हें सेंट पीटर के एक कब्र में दफनाया जाता रहा है, लेकिन पोप फ्रांसिस ने अपने जीते-जी इस नियम को बदलवा चुके हैं. अब पोप का अंतिम संस्कार किसी भी कब्र में हो सकता है. पोप ने पहले खुलासा किया था कि उन्होंने अपनी कब्र 'पहले ही तैयार कर ली है.'  लेकिन उनकी कब्र और ताबूत का स्थान परंपरा से अलग होगा. पहले पोप की मृत्यु होती थी, तो पार्थिव शरीर को काफी देर तक खुले में रखा जाता था, लेकिन अब नए नियमों के तहत ऐसा नहीं होगा. मृत्यु के तुरंत बाद उनके शरीर को ताबुत के अंदर रखना अनिवार्य है.


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पोप फ्रंसिस कौन हैं?
पोप फ्रांसिस अर्जेंटीना के एक जेसुइट पादरी हैं, वो 2013 में रोमन कैथोलिक चर्च के 266वें पोप बने थे. उन्हें पोप बेनेडिक्ट सोलहवें का उत्तराधिकारी चुना गया था. पोप फ्रांसिस बीते 1000 साल में पहले ऐसे इंसान हैं जो गैर-यूरोपीय होते हुए भी कैथोलिक धर्म के सर्वोच्च पद पर पहुंचे.

 

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