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यूक्रेन पर हमले से पीछे हटे पुतिन, अचानक क्यों बदला रूस का रुख; सामने आई वजह

अमेरिकी दूतों स्टीव विटकॉफ और जारेड कुश्नर के मॉस्को पहुंचने पर रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर तीन दिनों के लिए हवाई हमले रोकने का आदेश दिया है.

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यूक्रेन पर हमले से पीछे हटे पुतिन, अचानक क्यों बदला रूस का रुख; सामने आई वजह

पुतिन ने कीव पर तीन दिनों के लिए हमले रोके, X and AI Photo

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  • पुतिन ने अमेरिकी दूतों की मॉस्को यात्रा के मद्देनजर कीव पर 3 दिनों के लिए हवाई हमले रोके.
  • स्टीव विटकॉफ और जारेड कुश्नर रविवार को कीव में जेलेंस्की से मिलने से पहले मॉस्को पहुंचे हैं.
  • ट्रंप ने पुष्टि की कि उन्होंने दोनों देशों के बीच जारी गतिरोध को समाप्त करने के लिए एक विशिष्ट शांति प्रस्ताव भेजा है.

 

Putin Pause Kyiv Strikes: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर तीन दिनों के लिए हवाई हमले रोकने का सैन्य आदेश दिया है. क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने घोषणा की कि यह रोक शनिवार, 5 सितंबर की आधी रात से लागू होगी. पुतिन का यह आदेश अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूतों, स्टीव विटकॉफ और जारेड कुश्नर के मॉस्को पहुंचने के बाद आया.

अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल एक बिजनेस जेट से मॉस्को के व्नुकोवो एयरपोर्ट पर उतरा, जहां रूसी विशेष प्रतिनिधि किरिल दिमित्रीव ने उनका स्वागत किया. इस कूटनीतिक मिशन का उद्देश्य यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए दोनों पक्षों से बातचीत का रास्ता दोबारा खोलना है.

स्टीव विटकॉफ का क्या है प्लान?

अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जारेड कुश्नर यूक्रेन युद्ध को लेकर रूसी अधिकारियों के साथ मॉस्को में चर्चा करेंगे. इसके बाद, उनका रविवार, 6 सितंबर को यूक्रेन की राजधानी कीव जाने का कार्यक्रम है, जहां वे राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से मुलाकात करेंगे. 

खुद राष्ट्रपति जेलेंस्की ने भी शुक्रवार को कन्फर्म किया था कि उनके ऑफिस ने वॉशिंगटन के साथ इस यात्रा के लॉजिस्टिक डिटेल्स को सीधे तौर पर कोऑर्डिनेट किया है ताकि अमेरिकी दूतों के लिए एक सेफ पैसेज सुनिश्चित किया जा सके और वैसे यूक्रेन के राष्ट्रपति कार्यालय के प्रमुख किरिलो बुडानोव ने पहले ही यह अनुमान जताया था कि अमेरिकी दूतों की इस रीजन में मौजूदगी के दौरान रूस कीव को निशाना बनाने से पूरी तरह परहेज करेगा.

डोनाल्ड ट्रंप का शांति प्रस्ताव और चुनौतियां

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को व्हाइट हाउस के एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुष्टि की कि उन्होंने दोनों दूतों को युद्ध समाप्त करने के लिए एक विशिष्ट शांति प्रस्ताव के साथ भेजा है. ट्रंप ने इस बात पर जोर दिया कि जेलेंस्की और पुतिन के बीच गहरा व्यक्तिगत मनमुटाव शांति के मार्ग में एक बड़ी बाधा है. ट्रंप के अनुसार, दोनों नेता एक-दूसरे से बेहद नफरत करते हैं. 

उन्होंने बिना किसी इंडिपेंडेंट वेरिफिकेशन के यह दावा भी किया कि पिछले एक सप्ताह में दोनों पक्षों को मिलाकर कुल 32,000 सैनिक हताहत हुए हैं. यह नया कूटनीतिक प्रयास मध्य फरवरी 2026 में जिनेवा में हुई त्रिपक्षीय वार्ताओं के विफल होने के बाद बातचीत शुरू करने का पहला बड़ा कदम है.

शांति को लेकर क्या है शर्तें?

इस शांति पहल से पहले तक दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत पूरी तरह ठप थी. क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कुछ समय पहले ही बातचीत की प्रक्रिया को डीप पॉज में बताया था. क्रेमलिन के करीबी सूत्रों के अनुसार, मॉस्को का मानना था कि शांति प्रक्रिया पूरी तरह से गतिरोध पर पहुंच चुकी है क्योंकि दोनों पक्ष ऐसी शर्तों पर अड़े हुए हैं जो एक-दूसरे के बिल्कुल विपरीत और असंगत हैं. ऐसे कठिन समय में अमेरिकी दूतों का यह दौरा और रूस द्वारा कीव पर हमलों को अस्थायी रूप से रोकना शांति बहाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण लेकिन नाजुक मोड़ माना जा रहा है.
 

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