दुनिया
पाकिस्तान आतंकी संगठनों को शरण और समर्थन देता रहता है, यह अब पूरी दुनिया के सामने खुलकर आ चुका है. इसी मुद्दे पर, स्काई न्यूज की मशहूर पत्रकार याल्दा हकीम ने पाकिस्तान की सांसद शैरी रहमान से तीखा सवाल पूछा, जिस पर शैरी रहमान के पास जवाब देने के लिए कोई शब्द नहीं थे.
पाकिस्तान का आतंकी चेहरा लगातार बेनकाब होता रहा है, और इस बार ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को यह साबित कर दिया है कि पाकिस्तान कैसे आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला है. 22 अप्रैल को पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने पहलगाम में 26 निर्दोष लोगों की हत्या कर दी थी, जिसके बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में स्थित 9 आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाकर सैकड़ों आतंकियों को ढेर कर दिया. इसके बाद पाकिस्तान आतंकवाद के मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय में लगातार घेरता जा रहा है.
याल्दा हकीम का पाकिस्तान के नेताओं से सवाल
ब्रिटेन स्थित स्काई न्यूज की जानी-मानी पत्रकार याल्दा हकीम ने पाकिस्तान के आतंकी गठजोड़ पर एक लाइव टीवी शो के दौरान पाकिस्तान की सांसद शैरी रहमान को कठोर सवालों से घेर लिया. इस बहस के दौरान, याल्दा ने ब्रिगेड 313 के बारे में सवाल पूछा, जो एक अलकायदा से जुड़ा आतंकवादी संगठन है, और पाकिस्तान में सक्रिय है. टेररिज्म रिसर्च एंड एनालिसिस कंसोर्टियम (TRAC) के विश्लेषकों के मुताबिक, ब्रिगेड 313 पाकिस्तान में मौजूद विभिन्न आतंकवादी समूहों के लिए एक अंब्रेला ऑर्गनाइजेशन का काम करता है.
याल्दा हकीम ने कहा, "TRAC के वरिष्ठ विश्लेषकों ने स्काई न्यूज को बताया कि ब्रिगेड 313 पाकिस्तान में अलकायदा का समूह है, जो कई अन्य आतंकी समूहों जैसे तालिबान और लश्कर-ए-तैयबा को भी कवर करता है."
शैरी रहमान का बेशर्म जवाब
याल्दा के सवालों के बीच शैरी रहमान ने झल्ला कर जवाब दिया, "मुझे नहीं पता कि आपसे ये सब बातें कौन कह रहा है. ऐसे बहुत से लोग हैं जो ये कह रहे हैं, लेकिन आपको इसके लिए सबूत भी देना होता है." जब याल्दा ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र किया, तो शैरी रहमान ने बेशर्मी से कहा, "भारत के हमले में मारे गए लोग नेता नहीं थे."
याल्दा ने पाकिस्तान की आतंकवाद से जुड़े काले सच को उजागर करने के लिए यह कहते हुए जवाब दिया, "आपके देश में आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली संस्थाओं का कोई ठोस जवाब नहीं है."
पाकिस्तानी नेताओं की घेराबंदी
याल्दा हकीम ने इससे पहले भी पाकिस्तान के नेताओं को बेनकाब किया था. ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार याल्दा हकीम के शो पर पहुंचे थे, जहां उन्होंने झूठा दावा किया था कि पाकिस्तान में कोई आतंकवादी कैंप नहीं हैं और पाकिस्तान खुद आतंकवाद का शिकार है. याल्दा ने उनकी बातों का विरोध करते हुए पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का हवाला दिया, जिन्होंने कहा था, "पाकिस्तान ने दशकों तक आतंकवादी समूहों का समर्थन किया और उन्हें ट्रेनिंग दी."
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बिलावल भुट्टो जरदारी ने किया स्वीकार
याल्दा हकीम से बातचीत के दौरान पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने स्वीकार किया था कि आतंकवाद को पनाह देना और उसका समर्थन करना पाकिस्तान के इतिहास का सबसे खतरनाक हिस्सा रहा है. यह बयान खुद पाकिस्तान के भीतर भी एक बड़ा विरोधी बयान साबित हुआ, क्योंकि यह उनके राजनीतिक नेताओं द्वारा किए गए कार्यों को अच्छे तरीके से दिखता है.
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