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Pakistan: अमेरिका से झटका खाने के बाद रूस से नजदीकी बढ़ा रहा है पाकिस्तान, मॉस्को से कराची तक चलेगी ट्रेन

पाकिस्तान भारत के सबसे करीबी दोस्तों में से एक रूस के साथ नज़दीकियां बढ़ा रहा है. इसी कड़ी में पाकिस्तान से लेकर रूस तक की रेलवे लाइन बिछाने की बात चल रही है. अब पाकिस्तान से रूस तक की डायरेक्ट ट्रेन चलाई जाएगी.

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Pakistan: अमेरिका से झटका खाने के बाद रूस से नजदीकी बढ़ा रहा है पाकिस्तान, मॉस्को से कराची तक चलेगी ट्रेन

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ. (फाइल फोटो)

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पाकिस्तान एक लंबे अरसे से अमेरिका का पिछलग्गू रहा है. एक वक्त था जब दशकों तक अमेरिका और रूस के बीच शीत युद्ध चलता रहा. उस दौर में भी पाकिस्तान अमेरिका का एक करीबी सहयोगी था. वहीं भारत के रूस के साथ मजबूत संबंध थे. लेकिन दूसरे विश्वयुद्ध के बाद शुरू हुआ यें शीत युद्ध 90 के दशक की शुरुआत में सोवियत यूनियन के विघटन के साथ खत्म हो गया. उसके बाद से अन्तराष्ट्रीय समीकरण 360 डिग्री के साथ बदलने लगे. पाकिस्तान पिछले एक दशक से चीन का पिछलग्गू बना हुआ है. बावजूद उसके पाकिस्तान की सियासत में अमेरिकी दखल हावी है. लेकिन डोनाल्ड ट्रंप के आते ही पाकिस्तान को यूएस की तरफ से खूब सारे झटके लग रहे हैं. ट्रंप प्रशासन ने पाकिस्तान को दी जा रही आर्थिक सहयोग पर भी रोक लगा दिया है. अब पाकिस्तान भारत के सबसे करीबी दोस्तों में से एक रूस के साथ नज़दीकियां बढ़ा रहा है. इसी कड़ी में पाकिस्तान से लेकर रूस तक की रेलवे लाइन बिछाने की बात चल रही है. अब पाकिस्तान से रूस तक की डायरेक्ट ट्रेन चलाई जाएगी. इसके तहत मॉस्को से कराची तक ट्रेन चलेगी.

पाकिस्तान से रूस तक चलेगी ट्रेन
इस योजना को लेकर पाकिस्तान रेलवे फ्रेट की ओर से स्टेटमेंट जारी किया गया है. इस फ्रेट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सुफियान सरफराज डोगर हैं. उनकी ओर से कहा गया है कि पाकिस्तान से रूस तक अंतर्राष्ट्रीय फ्रेट ट्रेन सर्विस मार्च में प्रारंभ कर दिया जाएगा. इसकी ओपनिंग 15 मार्च तक होने की आशा है. इस संदर्भ में पाकिस्तानी अखबार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून में एक खबर छपी है. इसमें बताया गया है कि इस रेल रूट से ईरान, पाकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, कजाकिस्तान, अफ़ग़ानिस्तान और रूस के साथ स्थानीय स्तर के ट्रेड में भारी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.

रूस-पाकिस्तान में हुआ था समझौता
सुफियान सरफराज ने बताया कि इस परियोजना को पाकिस्तान और रूस के बीच 2024 में हुए समझौते के तहत अमल लाया जा रहा है. आपको बताते चलें कि जून 2024 में 27वें सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम के समय पर दोनों देशों के बीच इस प्रोजेक्ट को लेकर डील हुई थी. साथ ही एक MoU साइन किया गया था.

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