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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान 22 महीने जेल से बाहर आ सकते हैं. 11 जून को इमरान खान की बेल याचिका पर सुनवाई होनी है. उनकी पार्टी PTI के एक सीनियर नेता ने दावा किया है कि इमरान को ज़मानत मिल सकती है.
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान अगस्त 2023 से अदियाला जेल में बंद हैं. उन पर कई गंभीर आरोप हैं, 190 मिलियन पाउंड का अल-कादिर ट्रस्ट घोटाला भी इनमें से एक है. 11 जून को इस मामले में इमरान खान की जमानत याचिका पर इस्लामाबाद हाई कोर्ट में सुनवाई होगी. उम्मीद जताई जा रही है कि इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को बड़ी राहत मिल सकती है.
यह मामला ब्रिटेन की तरफ से पाकिस्तान दी गई 190 मिलियन पाउंड की रकम से जुड़ा है. आरोप है कि इमरान खान सरकार ने नियमों के विरुद्ध जाकर इन रुपयों को अल-कादिर ट्रस्ट के ज़रिए मैनेज किया था. इस मामले में इमरान खान और उनकी पत्नी को सजा हुई थी, जिसे निलंबित करने के लिए याचिका दाखिल की गई है.
पीटीआई के वरिष्ठ नेता गौहर अली खान ने भरोसा जताया है कि 11 जून को इमरान खान को जमानत मिल जाएगी. उन्होंने इसे पार्टी के लिए "निर्णायक दिन" बताया लेकिन किसी कानूनी या राजनीतिक आधार की जानकारी नहीं दी है. इससे पहले NAB ने अतिरिक्त तैयारी समय मांगा था, जिसके चलते सुनवाई स्थगित हो गई थी.
गौहर अली खान ने संकेत दिए हैं कि इमरान खान रिहा हों या न हों, पार्टी विपक्षी दलों के साथ मिलकर आंदोलन छेड़ेगी. रणनीति तैयार है और इसकी घोषणा 9 जून को प्रेस कॉन्फ्रेंस में की जाएगी. अली अमीन गंदापुर ने भी ईद-उल-अजहा के बाद बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है.
गौहर खान ने साफ कहा है कि इमरान खान की रिहाई किसी सौदे का नतीजा नहीं होगी. उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि बुशरा बीबी को सिर्फ दबाव बनाने के लिए जेल में रखा गया है. पार्टी के भीतर फूट की खबरों को भी उन्होंने सिरे से खारिज कर दी है.
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