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असीम मुनीर की श्रीलंका यात्रा....कर्ज़ में डूबे देश में फिजूलखर्ची पर बहस

पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर 20 से 23 जुलाई तक श्रीलंका की एक भव्य यात्रा पर जा रहे हैं, जिसमें हेलीकॉप्टर भ्रमण, लग्जरी होटल ठहराव और निजी एस्कॉर्ट शामिल हैं. यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब पाकिस्तान गंभीर आर्थिक संकट और IMF बेलआउट पर निर्भर है.

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असीम मुनीर की श्रीलंका यात्रा....कर्ज़ में डूबे देश में फिजूलखर्ची पर बहस

Asim Munir 

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जहां पाकिस्तान गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है, वहीं देश के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर की आगामी श्रीलंका यात्रा कई सवाल खड़े कर रही है. रिपोर्ट्स के अनुसार, यह यात्रा एक सामान्य राजनयिक दौरे से अधिक एक शाही छुट्टी की तरह प्रतीत होती है, जिसमें हेलीकॉप्टर यात्रा, विशिष्ट होटल ठहराव और विशेष एस्कॉर्ट्स शामिल हैं. 

हेलीकॉप्टर, फ्लाईओवर और ऐतिहासिक भ्रमण 

20 से 23 जुलाई तक चलने वाली इस यात्रा के दौरान, मुनीर श्रीलंका के प्रमुख पर्यटन स्थलों पिन्नावाला एलिफेंट ऑर्फनेज, सिगिरिया रॉक फोर्ट्रेस, एडम्स पीक, और कैंडी के पवित्र दंत मंदिर का हेलीकॉप्टर के माध्यम से भ्रमण करेंगे. साथ ही, कोलंबो के एक लक्जरी होटल में उनका ठहराव सुनिश्चित किया गया है एक ऐसी सुविधा जो फिलहाल पाकिस्तानी कैबिनेट मंत्रियों को भी उपलब्ध नहीं है, क्योंकि देश खर्चों में कटौती की नीति पर चल रहा है. 

जनता भूखी, जनरल घूमे विदेश

यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब पाकिस्तान में महंगाई चरम पर, बेरोजगारी फैली हुई है और IMF से मिले बेलआउट पैकेज के सहारे देश की अर्थव्यवस्था को संजीवनी देने की कोशिश हो रही है. जनरल मुनीर की यात्रा उस जनाक्रोश को हवा दे रही है जो आम जनता और सेना के विशेषाधिकार प्राप्त तबके के बीच बढ़ती खाई को उजागर करता है. 

️राजनयिक मिशन या निजी अवकाश? 

हालांकि मुनीर श्रीलंका के राष्ट्रपति, रक्षा मंत्री और रक्षा सचिव से भी मुलाकात करेंगे, लेकिन उनके कार्यक्रम का लहजा एक राजनयिक मिशन से अधिक एक लक्जरी ट्रिप जैसा लगता है. ये घटनाएं पाकिस्तानी सेना की आर्थिक और राजनीतिक पकड़ को भी उजागर करती हैं, जहां सेना के व्यवसायिक हितों पर टैक्स नहीं लगता और मीडिया द्वारा उनकी जवाबदेही की मांग करना जोखिमपूर्ण हो सकता है. 

असैन्य बनाम सैन्य नेतृत्व

मुनीर की लगातार विदेशी यात्राएं, जबकि राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री घरेलू मोर्चों तक सीमित हैं, पाकिस्तान में सत्ता के संतुलन को भी सवालों के घेरे में लाती हैं. देश में एक और सैन्य तख्तापलट की अटकलें भी लगाई जा रही हैं. 

 

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