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भारत द्वारा सिंधु जल समझौता स्थगित किए जाने पर पाकिस्तान में हड़कंप मच गया. सीनेटर सैयद अली जफर ने इसे 'वॉटर बम' बताया और चेताया कि पाकिस्तान भूख और तबाही की ओर बढ़ रहा है.
भारत द्वारा सिंधु जल समझौते (Indus Waters Treaty) को स्थगित किए जाने के बाद पाकिस्तान में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है. इस फैसले ने पूरे पाकिस्तान समेत पाकिस्तानी संसद में भी हड़कंप मचा दिया, जहां इसे ‘वॉटर बम’ करार दिया गया. पाकिस्तानी सीनेटर सैयद अली जफर ने संसद में चेतावनी दी कि यदि पानी का मुद्दा जल्द हल नहीं हुआ, तो पाकिस्तान भुखमरी की कगार पर पहुंच जाएगा. उन्होंने कहा कि 21वीं सदी की जंगें पानी पर होंगी और ये लड़ाई अब शुरू हो चुकी है. भारत की तरफ से उठाया गया ये कदम पाकिस्तान के लिए जीवन-मरण का सवाल बन गया है, क्योंकि इंडस बेसिन ही उसकी कृषि, बिजली के लिए जीवन रेखा के समान है.
भारत के सिंधु जल समझौते को स्थगित करने के निर्णय ने पाकिस्तान की नींव हिला दी है. पाकिस्तान की संसद में इस मुद्दे पर हुई बहस में सीनेटर सैयद अली जफर ने इसे 'वॉटर बम' कहा जो पाकिस्तान पर गिर चुका है. उन्होंने कहा कि अगर पानी का यह संकट जल्द नहीं सुलझा, तो पाकिस्तान भूख से मरने की स्थिति में आ जाएगा. जफर ने संसद में बताया कि पाकिस्तान पहले से ही जल संकट (Water Stress) का सामना कर रहा है और अब भारत के फैसले ने स्थिति और गंभीर कर दी है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की 90% फसलें सिंधु नदी प्रणाली के पानी पर निर्भर हैं और देश की जनसंख्या का एक बड़ा हिस्सा इसी बेसिन के सहारे जीवित है. बिजली उत्पादन से लेकर पीने के पानी तक, हर क्षेत्र में इस जल प्रणाली की अहमियत है.
उन्होंने भारत पर आरोप लगाया कि जब पाकिस्तान बना था, तब से ही भारत ने पानी को एक 'हथियार' की तरह इस्तेमाल करने की योजना बनाई थी. उन्होंने रेडक्लिफ लाइन का भी जिक्र किया और कहा कि फिरोजपुर जैसा अहम इलाका अंतिम समय पर भारत को दे दिया गया, जिससे पाकिस्तान की जल निर्भरता भारत पर बनी रही. जफर ने कहा कि ये सिर्फ एक संसाधन नहीं, बल्कि अब पाकिस्तान की सुरक्षा और अस्तित्व का सवाल बन चुका है. उन्होंने सरकार से अपील की कि इस मुद्दे को युद्ध स्तर पर सुलझाया जाए.
(With PTI Input)
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