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साल 2025 में केमेस्ट्री के नोबेल पुरस्कार के लिए सुसुमु कितागावा, रिचर्ड रॉबसन और उमर एम यागी को चुना गया है. जानें तीनों साइंटिस्ट कहां से पढ़े-लिखे हैं और उनके किस काम के लिए उन्हें नोबेल पुरस्कार के लिए सिलेक्ट किया गया...
साल 2025 में केमेस्ट्री के नोबेल पुरस्कार के लिए सुसुमु कितागावा, रिचर्ड रॉबसन और उमर एम यागी को चुना गया है. रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने मेटल ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क्स के डेवलेपमेंट के लिए तीनों को यह पुरस्कार देने का फैसला किया है. तीनों साइंटिस्ट को अवॉर्ड के अलावा 11 मिलियन स्वीडिश क्राउन की पुरस्कार राशि (भारतीय करेंसी में लगभग 10 करोड़ रुपये) भी दिए जाएंगे.
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सुसुमु कितागावा ने जापान के क्योटो यूनिवर्सिटी से हाइड्रोकार्बन केनेस्ट्री में पीएचडी की है. इससे पहले उन्हें साल 2008 में हम्बोल्ट रिसर्च अवॉर्ड और डी गेनेस अवॉर्ड जैसे पुरस्कार मिल चुके हैं. वर्तमान में वह क्योटो यूनिवर्सिटी में पढ़ाते हैं. वहीं रिचर्ड रॉबसन का जन्म ब्रिटेन में हुए हैं और उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में केमेस्ट्री की पढ़ाई की है. फिलहाल वह मेलबर्न यूनिवर्सिटी में पढ़ाते हैं.
वहीं तीसरे साइंटिस्ट उमर एम यागी का जन्म जॉर्डन के अम्मान में हुआ था और उन्होंने अमेरिका में इलिनोइस यूनिवर्सिटी अर्बाना-शैंपेन से पीएचडी पूरी की है और अब अमेरिका की कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में पढ़ा रहे हैं.
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नोबेल की जूरी ने तीनों विजेताओं के काम के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि इन संरचनाओं मेटल ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क का इस्तेमाल रेगिस्तानी हवा से पानी इकट्ठा करने, कार्बन डाइऑक्साइड को पकड़ने, जहरीली गैसों को इकट्ठा करने या केमिकल रिएक्शन में केटालिस्ट का काम करने के लिए किया जा सकता है.
बता दें पिछले साल डेविड बेकर, जॉन जम्पर के साथ ब्रिटिश नागरिक डेमिस हसाबिस को कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से प्रोटीन की संरचना के कोड को समझने के लिए केमेस्ट्री का नोबेल पुरस्कार दिया गया था. अब लिटरेटर का नोबेल पुरस्कार कल और शांति का नोबेल पुरस्कार का ऐलान शुक्रवार को किया जाएगा.
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