Advertisement

Nobel Prize 2025: दुनिया के किन 3 वैज्ञानिकों को मिला केमेस्ट्री का नोबेल पुरस्कार? जानें एजुकेशन से लेकर ग्लोबल चेंज तक की कहानी

साल 2025 में केमेस्ट्री के नोबेल पुरस्कार के लिए सुसुमु कितागावा, रिचर्ड रॉबसन और उमर एम यागी को चुना गया है. जानें तीनों साइंटिस्ट कहां से पढ़े-लिखे हैं और उनके किस काम के लिए उन्हें नोबेल पुरस्कार के लिए सिलेक्ट किया गया...

Latest News
Nobel Prize 2025: दुनिया के किन 3 वैज्ञानिकों को मिला केमेस्ट्री का नोबेल पुरस्कार? जानें एजुकेशन से लेकर ग्लोबल चेंज तक की कहानी

Nobel Prize 2025 in chemistry

Add DNA as a Preferred Source

साल 2025 में केमेस्ट्री के नोबेल पुरस्कार के लिए सुसुमु कितागावा, रिचर्ड रॉबसन और उमर एम यागी को चुना गया है. रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने मेटल ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क्स के डेवलेपमेंट के लिए तीनों को यह पुरस्कार देने का फैसला किया है. तीनों साइंटिस्ट को अवॉर्ड के अलावा 11 मिलियन स्वीडिश क्राउन की पुरस्कार राशि (भारतीय करेंसी में लगभग 10 करोड़ रुपये) भी दिए जाएंगे. 

यह भी पढ़ें- Nobel Prize 2025: फिजिक्स में किन 3 साइंटिस्ट को मिला नोबेल पुरस्कार? जानें कहां से की है पढ़ाई-लिखाई

कौन हैं तीनों साइंटिस्ट जिन्हें मिला अवॉर्ड?

सुसुमु कितागावा ने जापान के क्योटो यूनिवर्सिटी से हाइड्रोकार्बन केनेस्ट्री में पीएचडी की है. इससे पहले उन्हें साल 2008 में हम्बोल्ट रिसर्च अवॉर्ड और डी गेनेस अवॉर्ड जैसे पुरस्कार मिल चुके हैं. वर्तमान में वह क्योटो यूनिवर्सिटी में पढ़ाते हैं. वहीं रिचर्ड रॉबसन का जन्म ब्रिटेन में हुए हैं और उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में केमेस्ट्री की पढ़ाई की है. फिलहाल वह मेलबर्न यूनिवर्सिटी में पढ़ाते हैं.

वहीं तीसरे साइंटिस्ट उमर एम यागी का जन्म जॉर्डन के अम्मान में हुआ था और उन्होंने अमेरिका में इलिनोइस यूनिवर्सिटी अर्बाना-शैंपेन से पीएचडी पूरी की है और अब अमेरिका की कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में पढ़ा रहे हैं.

यह भी पढ़ें- Nobel Prize 2025: कितने पढ़े-लिखे हैं वो 3 साइंटिस्ट जिन्हें इस साल मेडिसिन के लिए मिला नोबेल पुरस्कार?

2024 में किन्हें मिला था केमेस्ट्री का नोबेल अवॉर्ड? 

नोबेल की जूरी ने तीनों विजेताओं के काम के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि इन संरचनाओं मेटल ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क का इस्तेमाल रेगिस्तानी हवा से पानी इकट्ठा करने, कार्बन डाइऑक्साइड को पकड़ने, जहरीली गैसों को इकट्ठा करने या केमिकल रिएक्शन में केटालिस्ट का काम करने के लिए किया जा सकता है. 

बता दें पिछले साल डेविड बेकर, जॉन जम्पर के साथ ब्रिटिश नागरिक डेमिस हसाबिस को कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से प्रोटीन की संरचना के कोड को समझने के लिए केमेस्ट्री का नोबेल पुरस्कार दिया गया था. अब लिटरेटर का नोबेल पुरस्कार कल और शांति का नोबेल पुरस्कार का ऐलान शुक्रवार को किया जाएगा.

अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए जुड़ें हमारे गूगल, फेसबुक, x,   इंस्टाग्राम, यूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement