दुनिया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से चीन के संदर्भ में पूछे गए सवाल पर कहा गया कि हम किसी को भी मात दे सकते हैं. इसके बाद चीन के विदेश मंत्रालय की ओर से पलटवार किया गया. उन्होंने भी ट्रंप के बयान को लेकर एक जवाबी बयान जारी कर दिया. पढ़िए रिपोर्ट.
पीएम मोदी पिछले दो दिनों से अमेरिकी दौरे पर थे. वो वहां पर 12-13 फरवरी को मौजूद थे. इस दौरान उनकी मुलाकात वहां के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, टेस्ला के मालिक एलन मस्क समेत कई बड़ी हस्तियों से हुई. राष्ट्रपति ट्रंप के साथ उनकी ऐतिहासिक मुलाकात रही. इस दौरान दोनों देशों के दरम्यान कई अहम और बड़े मुद्दों पर चर्चा हुई. साथ ही कई बड़े एलान किए गए. दोनों ही नेता मुलाकात के क्रम में मीडिया से भी मुखातिब हुए. इसी बीच चीन की भी जिक्र हुआ. राष्ट्रपति ट्रंप ने चीन को लेकर एक बड़ा बयान दिया. इसके बाद चीन की सरकार इस बयान को लेकर बौखलाई हुई नजर आई. ट्रंप की ओर से चीन के संदर्भ में पूछे गए सवाल पर कहा गया कि हम किसी को भी मात दे सकते हैं. इसके बाद चीन के विदेश मंत्रालय की ओर से पलटवार किया गया. उन्होंने भी ट्रंप के बयान को लेकर एक जवाबी बयान जारी कर दिया. शुक्रवार को चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि 'किसी भी देश को अपने द्विपक्षीय बैठक में चीन को मुद्दा नहीं बनाना चाहिए. साथ ही उसकी मदद से दूसरे किसी भी मुल्क के हितों को हानि नहीं पहुंचानी चाहिए.'
राष्ट्रपति ट्रंप ने चीन पर कही ये बातें
आपको बताते चलें कि मीडिया की ओर से अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से प्रश्न किया गया था कि यदि आप भारत के संग ट्रेड के मुद्दे ऐसे ही सख्त रहेंगे तो चीन को कैसे पराजित करेंगे. इसका जवाब देते हुए डोनाल्ड ट्रंप की ओर से बड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा गया कि 'हम किसी को भी पराजित करने में सक्षम हैं. परंतु हमारा उद्येश्य किसी को भी पराजित करना नहीं है. हम उतकृष्ट कार्य कर रहे हैं. अपने बेहतरीन कार्य को करते रहेंगे.' ये कोई पहली बार नहीं है जब राष्ट्रपति ट्रंप ने अड़े हाथों चीन को लिया है. इससे पहले भी उन्होंने चीन के ऊपर कई बार निशाना साधा है. साथ ही चीन के विरुद्ध उनके द्वारा बडे़ स्तर पर टैरिफ लगाया गया. उसके बाद पनामा नहर को लेकर भी उन्होंने चीन को बड़े स्तर पर घेरा था.
भारत और यूएस के बीच आपसी साझेदारी पर बल
द्विपक्षीय बैठक के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप और पीएम मोदी वाशिंगटन में मिले थे. दोनों नेताओं के बीच मीटिंग हुई थी. इस दौरान अलग-अलग क्षेत्रों में दोनों देशों के दरम्यान आपनी सहयोग को लेकर भी डिटेल में चर्चा की गई. इसमें व्यापार, रक्षा, तकनीक जैसे कई क्षेत्र शामिल थे. दोनों ही नेताओं ने बड़ी साझेदारी पर जोर दिया. साथ ही एक शांतिपूर्ण इंडो-प्रशांत क्षेत्र के वास्ते क्वाड की मजबूती पर बल दिया.
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