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ईरान ने कहा है कि अमेरिका ने MoU की हर शर्त का उल्लंघन किया है. ईरान ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका के लगातार हमलों के कारण MoU की कोई शर्त अब लागू नहीं है. ईरान ने पश्चिम एशिया में मौजूद सभी बुनियादी ढांचे तबाह करने की धमकी भी दी है.
America-Iran war: ईरान के कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप-विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने अमेरिका के साथ हाल ही में हुए समझौता ज्ञापन (MoU) के रद्द होने की घोषणा की है. ईरान की प्रमुख समाचार एजेंसी 'तस्नीम' ने उप-विदेश मंत्री के हवाले से ये जानकारी दी है. अमेरिका के साथ बातचीत के भविष्य के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में काजेम गरीबाबादी ने कहा कि हम बातचीत कर रहे थे लेकिन, अमेरिकियों ने खुद समझौता ज्ञापन के तहत अपनी जिम्मेदारियों का उल्लंघन करते हुए आक्रामक कदम उठाए.
काजेम गरीबाबादी ने आगे कहा कि हमारे लिए अब एकमात्र रास्ता देश का दृढ़ता से बचाव करना और हमलावरों को सबक सिखाना है. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने व्यावहारिक रूप से अपनी सभी प्रतिबद्धताओं का उल्लंघन किया है. इसलिए हमने भी इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को रोक दिया है और हम उन पर अमल नहीं कर रहे हैं.
ईरान के मुख्य सैन्य कमांड 'खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर' ने भी चेतावनी दी है कि ईरान के बिजली संयंत्रों और पुलों पर अमेरिका का कोई भी हमला पूरे पश्चिम एशिया में मौजूद सभी बुनियादी ढांचे के खिलाफ विनाशकारी जवाबी कार्रवाई को जन्म देगा. ईरान अब कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर हमले भी कर रहा है.
शिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, 'खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर' के प्रवक्ता इब्राहिम जोलफ़गारी ने कहा कि अगर अमेरिकी राष्ट्रपति ईरान के इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले जारी रखने का आदेश देते हैं तो "इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की शक्तिशाली सेना उन सभी चीजों को नष्ट कर देगी जो अब तक ईरान की शराफत के कारण अभी तक बची हुई हैं.
इब्राहिम जोलफ़गारी ने कहा है कि ईरानी सेना का जवाब अब बराबर का प्रहार नहीं होगा बल्कि पहले से कहीं ज्यादा कठोर व्यापक और विनाशकारी होगा. ईरान का जवाब उस धमकी के बाद आया है जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अगर तेहरान बातचीत के लिए सहमत नहीं होता है, तो अमेरिका अगले हफ़्ते ईरान में पावर प्लांट और पुलों को निशाना बनाते हुए अपने हमलों का दायरा बढ़ाएगा.
बता दें कि अमेरिकी सेना ने पिछले कुछ दिनों में ईरान के दक्षिणी प्रांतों पर कई बार हमले किए हैं. अमेरिकी सेना ने बंदर अब्बास और चाबहार जैसे बंदरगाहों को भी निशाना बनाया है. अमेरिका ने फिर से ईरान की नाकेबंदी करने की घोषणा भी की है. अब अमेरिकी सेना लगातार ईरान की सर्विलांस साइट्स, मिलिट्री लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर, अंडरग्राउंड हथियारों के स्टोरेज और बुनियादी ढांचों को निशाना बना रही है.