Advertisement

Myanmar: क्रूरता की सभी हदें पार, 50 साल में पहली बार 4 लोकतंत्र समर्थकों को फांसी पर लटकाया

Myanmar: म्यांमार में लोकतंत्र समर्थकों को फांसी दिए जाने की खबर है. पिछले पांच दशक में पहली बार किसी को फांसी दी गई है.

Myanmar: क्रूरता की सभी हदें पार, 50 साल में पहली बार 4 लोकतंत्र समर्थकों को फांसी पर लटकाया
Add DNA as a Preferred Source

डीएनए हिंदीः म्यांमार (Myanmar) की सैन्य सरकार (जुंटा) ने आतंकी गतिविधियों में मदद के आरोप में 4 लोकतंत्र समर्थकों को फांसी पर लटका दिया है. इनमें नेशनल लीग फार डेमोक्रेसी (NLD) के पूर्व सांसद फ्यो जेया थाव भी शामिल हैं दक्षिण-पूर्व एशियाई देश में पिछले करीब पांच दशकों में फांसी दिए जाने का यह पहला मामला है. 'मिरर डेली' के मुताबिक आतंकवादी गतिविधियों के तहत हत्या करने के कृत्यों में अमानवीय सहयोग और हिंसा करने व उसका आदेश देने के लिए चारों को फांसी की सजा दी गई, हालांकि यह नहीं बताया गया है कि फांसी कब दी गई.  

सरकार ने की पुष्टि
4 लोगों को फांसी दिए जाने की घटना को लेकर सैन्य सरकार ने बयान जारी किया है. हालांकि जिस जेल में कैदियों को रखा गया था, उसने और जेल विभाग ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. 'राष्ट्रीय एकता सरकार' के मानवाधिकार मंत्री आंग मायो मिन ने इन आरोपों को खारिज किया कि ये लोग हिंसा में शामिल थे. उन्होंने कहा कि उन्हें मौत की सजा देना डर के जरिए लोगों पर शासन करने का प्रयास है. 

ये भी पढ़ेंः Monkeypox Alert: मंकीपॉक्स पर WHO की बड़ी चेतावनी, भारत में फैलाव रोकने के लिए करने होंगे ये उपाय

किन्हें दी गई फांसी
बता दें कि 41 वर्षीय क्वान को पिछले साल नवंबर में गिरफ्तार किया गया था. जानकारी के मुताबिक वह 2007 में 'जनरेशन वेव' राजनीतिक आंदोलन का सदस्य बनने से पहले हिप-हॉप संगीतकार भी रहे थे. 2008 में भी एक पूर्व सैन्य सरकार के दौरान विदेशी मुद्रा और अवैध संबंध रखने के आरोप में उन्हें जेल भेज दिया गया था. जिन लोगों को फांसी दी गई है उनमें लोकतंत्र समर्थक 53 वर्षीय क्वाव मिन यू भी शामिल है. क्वाव मिन यू को जिम्मी के नाम से भी जाना जाता था. इसके साथ ही मार्च 2021 में एक महिला का उत्पीड़न और उसकी हत्या करने के मामले में दोषी ठहराए गए ह्ला म्यो ओंग और ओंग थुरा जो को भी फांसी दी गई. 

देश-दुनिया की ताज़ा खबरों Latest News पर अलग नज़रिया, अब हिंदी में Hindi News पढ़ने के लिए फ़ॉलो करें डीएनए हिंदी को गूगलफ़ेसबुकट्विटर और इंस्टाग्राम पर. 

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement