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बर्फीले तूफान में फंसी 33 जिंदगियां! रूस के इस पहाड़ पर हुआ बड़ा हादसा, 11 पर्वतारोहियों की मौत

रूस के माउंट मिजिरगी पर आए भयानक बर्फीले तूफान में 11 पर्वतारोहियों की मौत हो गई है. जबकि 6 लोग घायल हुए हैं और 6 पर्वतारोही लापता बताए जा रहे हैं. जानिए कैसे हुआ यह हादसा.

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बर्फीले तूफान में फंसी 33 जिंदगियां! रूस के इस पहाड़ पर हुआ बड़ा हादसा, 11 पर्वतारोहियों की मौत

रूस के माउंट मिजिरगी पर बर्फीला कहर, AI Photo

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  • रूस के माउंट मिजिरगी पर आया बर्फीले तूफान.
  • माउंट मिजिरगी पर आए बर्फीले तूफान में 11 की मौत. 
  • यह इस साल का दूसरी बड़ी पर्वतारोहण आपदा.


Mount Mizirgi Disaster: पर्वतारोहण रोमांच से भरा तो होता है, लेकिन कभी-कभी प्रकृति का रौद्र रूप इसे बेहद खतरनाक बना देता है. ऐसी ही एक दर्दनाक घटना रूस के उत्तरी काकेशस इलाके से सामने आई है, जहां माउंट मिजिरगी पर आए एक भीषण बर्फीले तूफानने कई पर्वतारोहियों की जान ले ली है. इस हादसे के बाद से वहां बड़े पैमाने पर बचाव कार्य चलाया जा रहा है.

रूस के माउंट मिजिरगी पर कब आया तूफान?

यह हादसा रविवार को स्थानीय समयानुसार शाम करीब 5 बजे रूस के नॉर्थ काकेशस इलाके के काबारडिनो-बाल्कारिया क्षेत्र में हुआ. वहां स्थित बेजेंगी गॉर्ज में, 5,025 मीटर ऊंचे माउंट मिजिरगी से एक बहुत बड़ा बर्फीला तूफान नीचे की ओर तेजी से बढ़ा.

इस तूफान ने वहां चढ़ाई कर रहे 33 पर्वतारोहियों के एक दल को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया. इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 6 लोग घायल हुए हैं और 6 पर्वतारोही लापता बताए जा रहे हैं. इतनी बड़ी संख्या में लोगों के हताहत होने के कारण यह मामला इस समय चर्चा का विषय बना हुआ है.

रेस्क्यू ऑपरेशन की वर्तमान स्थिति और चुनौतियां

हादसे की खबर मिलते ही स्थानीय इमरजेंसी सर्विसेज तुरंत एक्शन में आ गईं. TASS न्यूज एजेंसी के अनुसार, तुरंत एक Mi-8 हेलीकॉप्टर और बचाव दलों को घटनास्थल पर भेजा गया. राहत की बात यह रही कि बचाव दल ने तीन जीवित बचे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और उन्हें इलाज के लिए नालचिक पहुंचाया.

इसके अलावा, सोमवार सुबह 9 बजे तक 10 पर्वतारोही खुद सुरक्षित रूप से पहाड़ से नीचे उतरने में कामयाब रहे. हालांकि, बाकी लापता 6 लोगों की तलाश अब भी जारी है.

इस खोज और बचाव अभियान में 50 से अधिक इमरजेंसी वर्कर्स जुटे हुए हैं. लेकिन वहां काम करना बिल्कुल आसान नहीं है. ऊंचाई पर बेहद खराब मौसम, दुर्गम इलाका और दोबारा हिमस्खलन होने के खतरे के कारण रेस्क्यू टीमों को कदम-कदम पर भारी रुकावटों का सामना करना पड़ रहा है.

इस साल की दूसरी बड़ी पर्वतारोहण आपदा

पर्वतारोहण के इतिहास में इस साल बड़े पैमाने पर जानमाल के नुकसान की यह दूसरी बड़ी घटना है. इससे पहले इसी साल 30 जुलाई को पाकिस्तान के काराकोरम पर्वतमाला (गिलगित-बाल्टिस्तान) में स्थित ब्रॉड पीक पर भी ऐसा ही भयानक हादसा हुआ था.

ब्रॉड पीक पर कैंप 2 और कैंप 3 के बीच आए बर्फीले तूफान ने एक पूरे दल को चपेट में ले लिया था, जिसमें विश्वविख्यात पर्वतारोही निर्मल पुरजा समेत कुल 10 पर्वतारोहियों की जान चली गई थी. इस दल में निम्स के नेतृत्व में पांच नेपाली पर्वतारोही शामिल थे, जबकि बाकी सदस्यों में पाकिस्तान, ओमान, अमेरिका और चीन के एक-एक पर्वतारोही थे. इसे पर्वतारोहण के इतिहास की सबसे घातक आपदाओं में से एक माना गया था.
 

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