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‘इनके साथ कौन करेगा काम’, पाकिस्तान पर जमकर भड़के चीनी राजनयिक

चीन CPEC प्रोजेक्ट के अंतर्गत पाकिस्तान के भीतर बलूचिस्तान में मौजूद ग्वादर में एयरपोर्ट और बंदरगाह बना रहा है. साथ ही एक इकनॉमिक जोन भी तैयार कर रहा है. लेकिन तय समय पर काम नहीं हो पाने और सुरक्षा की स्थिति को लेकर चीनी राजनयिक ने पाकिस्तान की जमकर आलोचना की है. पढ़िए रिपोर्ट.

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‘इनके साथ कौन करेगा काम’, पाकिस्तान पर जमकर भड़के चीनी राजनयिक
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चीन और पाकिस्तान के संबंध हमेशा से काफी मजबूत रहे हैं. भारत को घेरने के लिए समय-समय पर दोनों ही देश लामबंद होते रहे हैं. चीन पाकिस्तान के भीतर कई प्रोजेक्ट्स पर काम भी कर रहा है. इसी क्रम में चीन CPEC प्रोजेक्ट भी पाकिस्तान में लेकर आया था. इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर चीन को आर्थिक रूप से बड़ा फायदा होने वाला है. लेकिन ये प्रोजेक्ट पाकिस्तान के भीतर भी और बाहर भी विवादों के घेरे में रहा. जहां एक और भारत और अमेरिका जैसे देशों ने इसका विरोध किया है, वहीं पाकिस्तान के भीतर भी इस प्रोजेक्ट की जमकर आलोचना हुई है. चीन इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत पाकिस्तान के भीतर बलूचिस्तान में मौजूद ग्वादर में एयरपोर्ट और बंदरगाह बना रहा है. साथ ही एक इकनॉमिक जोन भी तैयार कर रहा है. लेकिन तय समय पर काम नहीं हो पाने और सुरक्षा की स्थिति को लेकर चीनी राजनयिक ने पाकिस्तान की जमकर आलोचना की है.

CPEC की रफ्तार धीमी
ये प्रोजैक्ट्स जिस रफ़्तार के साथ शुरू होनी थी वो नहीं हुई और ठंडे बस्ते में चली गई. इस संदर्भ में अंग्रेजी मीडिया आउटलेट 'द गार्जियन' ने खबर की है. इस खबर में एक चीनी राजनयिक ऑफिसर को कोट किया गया है. खबर की मुताबिक़ चीनी राजनयिक ने पाकिस्तान की खूब निंदा की है. हालांकि इस खबर को लेकर इस्लामाबाद में मौजूद चीनी दूतावास की ओर से खंडन किया गया है. साथ ही इसको लेकर पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की ओर से भी एक स्टेटमेंट दिया गया है.

पाकिस्तान के हालात पर जमकर भड़के शेंगजी
द गार्जियन की खबर के मुताबिक़ पाकिस्तान में तैनात चीनी राजनीतिक सचिव वांग शेंगजी की ओर से ये सारी बातें एक साक्षात्कार में कही गई हैं. साक्षात्कार के समय शेंगजी की ओर से सीपेक को लेकर कई सवाल खड़े किए गए. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के भीतर जैसे सुरक्षा के हालात हैं, उसमें इस प्रोजेक्ट का मुस्तक़बिल चिंता के घेरों में है. खबर के अनुसार उन्होंने आगे कहा कि सुरक्षा को मजबूत नहीं किया जाएगा तो कौन इनके साथ काम करेगा. कौन यहां काम करने आएगा. बलूचिस्तान और ग्वादर के लोगों के अंदर चीन के विरुद्ध काफ़ी घृणा का भाव है. कुछ ऐसी शक्तियां हैं जो इस प्रोजेक्ट के विरुद्ध हैं. वो इसे पूरी तरह से खत्म कर देने की चाह में है.

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