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सऊदी अरब में हूती हमलों के बीच मक्का में पहली बार एयर रेड अलर्ट जारी किया गया. जेद्दा और ताइफ समेत कई इलाकों में भी चेतावनी दी गई.
सऊदी अरब में मंगलवार (15 सितंबर 2026) को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब देश के पश्चिमी हिस्से के कई शहरों में अचानक एयर रेड अलर्ट जारी किया गया. इनमें इस्लाम का सबसे पवित्र शहर मक्का, जेद्दा और ताइफ भी शामिल रहे. हालांकि, कुछ ही देर बाद इन अलर्ट को हटा लिया गया. सबसे ज्यादा चर्चा मक्का को लेकर है, क्योंकि यहां इतिहास में पहली बार हवाई खतरे का अलर्ट जारी किया गया.
यह घटनाक्रम ऐसे वक्त हुआ है, जब ईरान समर्थित हूती विद्रोही पिछले कुछ दिनों से लगातार सऊदी अरब को निशाना बना रहे हैं. हालिया हमलों के बाद सऊदी सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं.
इजरायली अखबार हायोम की रिपोर्ट के मुताबिक, मदीना के प्रिंस मोहम्मद बिन अब्दुलअजीज इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए आने वाली हवाई सेवाओं को भी कुछ समय के लिए रोक दिया गया. इससे पहले सऊदी समर्थित यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार और सऊदी सेना ने यमन के ताइज शहर के आसपास हूती ठिकानों पर हमला किया था.
मंगलवार का एयर रेड अलर्ट उस हमले के ठीक एक दिन बाद आया, जिसमें हूतियों ने यमन से बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन के जरिए सऊदी अरब पर हमला किया था. इस हमले में 13 लोगों के घायल होने की खबर सामने आई थी.
A warning has been issued by the National Early Warning Platform in Mecca City to alert of a potential danger. Please follow the instructions below: pic.twitter.com/IwvWhhKMan
— الدفاع المدني السعودي (@SaudiDCD) September 15, 2026
सऊदी सिविल डिफेंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लोगों को जानकारी देते हुए कहा कि मक्का शहर में खतरा अब टल चुका है. साथ ही लोगों से अपील की गई कि वे सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पालन करें, भीड़ लगाने से बचें और घटनास्थल पर वीडियो न बनाएं. किसी भी आपात स्थिति में 911 पर संपर्क करने को कहा गया.
मक्का को निशाना बनाए जाने की खबरों पर हूती संगठन ने सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के दावे को खारिज किया है. हूती राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य हाजेम अल-असद ने एक्स पर दावा किया कि मक्का को निशाना बनाने की बात गलत है. उन्होंने कहा कि इस तरह के आरोप पहले भी लगाए जा चुके हैं.
Alert: The danger has passed in Mecca City. For your safety, continue following #CivilDefense instructions and avoid gathering and filming. In case of emergency, call (911). pic.twitter.com/bjRMKf7vr6
— الدفاع المدني السعودي (@SaudiDCD) September 15, 2026
सऊदी अरब और हूतियों के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है. इसी सप्ताह हूतियों ने सऊदी अरब पर पिछले कई वर्षों के सबसे बड़े मिसाइल और ड्रोन हमलों में से एक को अंजाम दिया. इन हमलों में तेल से जुड़े ठिकानों पर आग लगने और नुकसान की खबरें आईं. कुल 73 लोगों के घायल होने की बात कही गई है.
हूतियों ने दक्षिणी सऊदी अरब में स्थित किंग खालिद एयरबेस को निशाना बनाने का भी दावा किया है. संगठन के मुताबिक, इस हमले में दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया.
इस बीच कतर ने बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य को बंद किए जाने को लेकर गंभीर चेतावनी दी है. कतर के विदेश मंत्रालय के अधिकारी इब्राहिम अल-हाशमी ने कहा कि अगर यह अहम समुद्री रास्ता बंद किया जाता है, तो इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है.
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कथित तौर पर सऊदी क्राउन प्रिंस के युद्ध में हस्तक्षेप करने के अनुरोध को ठुकरा दिया है. ऐसे में लाल सागर के इस अहम इलाके में बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब के सामने अब आगे की रणनीति तय करने की चुनौती और बढ़ गई है.
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