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LTTE Chief Prabhakaran Alive: 'जिंदा हैं हमारे नेता प्रभाकरण, जल्द लौटेंगे', तमिलनाडु के पूर्व कांग्रेस नेता ने लिट्टे चीफ को लेकर किया ऐसा दावा

LTTE Leader Alive: श्रीलंकाई विद्रोही संगठन LTTE ने ही पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या की थी और प्रभाकरण को इसका मास्टरमाइंड माना जाता है.

LTTE Chief Prabhakaran Alive: 'जिंदा हैं हमारे नेता प्रभाकरण, जल्द लौटेंगे', तमिलनाडु के पूर्व कांग्रेस नेता ने लिट्टे चीफ को लेकर किया ऐसा दावा

LTTE Chief Prabhakaran (File Photo)

Add DNA as a Preferred Source

डीएनए हिंदी: कांग्रेस के पूर्व नेता और वर्ल्ड तमिल फेडरेशन (World Tamil Federation) के प्रेसिडेंट पाझा नेदुकुमारन ने ऐसा दावा कर दिया है, जो भारत से श्रीलंका तक खुफिया एजेंसियों के होश उड़ा सकता है. पाझा नेदुकुमारन (Pazha Nedumaran) ने सोमवार को कहा कि लिट्टे प्रमुख वी. प्रभाकरण जिंदा (LTTE Chief Prabhakaran Alive) है और जल्द ही वापस लौटने वाले हैं. नेदुमारन ने तंजावुर में एक बयान जारी कर कहा, मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हमारे नेता प्रभाकरण जिंदा हैं और वह ठीक हैं. जल्द ही, सही समय पर वो दुनिया के सामने भी आएंगे. उन्होंने तमिल समुदाय से प्रभाकरण का साथ देने के लिए तैयारियों में जुटने की अपील की है.

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लिट्टे यानी लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (Liberation Tigers of Tamil Eelam) श्रीलंका का विद्रोही संगठन है, जिसने कई दशक तक श्रीलंका में तमिल भाषी लोगों पर अत्याचार होने के नाम पर अलग स्वतंत्र देश बनाने के लिए हथियारबंद जंग छेड़ रखी थी. लिट्टे के चीफ प्रभाकरण को दुनिया के सबसे खतरनाक विद्रोहियों में से एक माना जाता था. श्रीलंका ने 18 मई, 2009 को जाफना में मिलिट्री ऑपरेशन के दौरान प्रभाकरण की मौत हो जाने का दावा किया था. इसके कई दिन बाद श्रीलंकाई सेना के प्रवक्ता ने कहा था कि सरकार ने प्रभाकरण के शव का DNA टेस्ट कराया है, जो उनके बेटे के DNA से पूरी तरह मैच हो गया है. इसके चलते प्रभाकरण की मौत की पुष्टि की जा रही है. प्रभाकरण की मौत के बाद से ही लिट्टे की गतिविधियां भी खत्म हो गई थीं.

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राजीव गांधी की हत्या का मास्टरमाइंड भी था प्रभाकरण

प्रभाकरण को पूर्व भारतीय प्रधानमंत्री राजीव गांधी (former Indian prime minister Rajiv Gandhi assassination) की हत्या का भी मास्टरमाइंड माना जाता था. लिट्टे ने 1987 में श्रीलंकाई सेना की मदद के लिए भारतीय शांति सेना भेजने से नाराज होकर राजीव गांधी की हत्या कर दी थी. यह हत्या साल 1991 में तमिलनाडु के श्रीपेरेंबदूर में आम चुनाव के प्रचार से जुड़ी एक रैली के दौरान आत्मघाती बम धमाके के जरिए की गई थी.

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नेदुकुमारन ने किया यह दावा

पाझा नेदुकुमारन ने बयान में कहा, वे लंबे समय से लिट्टे प्रमुख के परिवार के संपर्क में थे. लिट्टे प्रमुख पूरी तरह स्वस्थ हैं और अपनी पत्नी व बेटी के साथ रह रहे हैं. उनके परिवार से स्वस्थ होने की खबर मिलने और इसे पब्लिक करने की सहमति मिलने के बाद ही मैं ये बात जाहिर कर रहा हूं. नेदुकुमारन ने कहा, मैं इस बात की गारंटी दे सकता हूं. 

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प्रभाकरण के साथ खड़े होने की करो तैयारी

नेदुकुमारन ने तमिल समुदाय से प्रभाकरण के साथ खड़े होने की तैयारी करने के लिए कहा. उन्होंने कहा, लिट्टे के मुखिया को लेकर फैलाए गए अफवाह से जल्द पर्दा उठेगा. लिट्टे चीफ जल्द तमिल जाति की मुक्ति के लिए खास योजना लाएंगे. मेरी अपील है कि सभी लोग प्रभाकरण के साथ खड़े होने की तैयारी करें. इस दौरान उन्होंने तमिलनाडु सरकार और अन्य पार्टियों से भी प्रभाकरण का साथ देने की अपील की.

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