Advertisement

भारत-पाकिस्तान छोड़िए, उधर बांग्लादेश ने कर दिया अलग ही 'खेल', शेख हसीना की अवामी लीग पर लगाया बैन

बांग्लादेश की मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने आतंकवादी विरोधी कानून के तहत शेख हसीना की अवामी लीग की सभी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया है.

Latest News
भारत-पाकिस्तान छोड़िए, उधर बांग्लादेश ने कर दिया अलग ही 'खेल', शेख हसीना की अवामी लीग पर लगाया बैन
Add DNA as a Preferred Source

Awami League banned: एक तरफ पूरी दुनिया का ध्यान भारत-पाकिस्तान तनाव पर था तो दूसरी तरफ बांग्लादेश ने अलग ही खेल कर दिया. बांग्लादेश की मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने आतंकवादी विरोधी कानून के तहत शेख हसीना की अवामी लीग की सभी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया है. बता दें, अवामी लीग की मुखिया पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को कुछ महीने पहले हिंसक प्रदर्शनों के बाद इस्तीफा देकर देश छोड़ना पड़ा था. तब से शेख हसीना भारत में हैं. 

शेख हसीना की अवामी लीग ने युनूस सरकार के इस फैसला का विरोध किया और कहा कि दमनकारी और अलोकतांत्रिक निर्णय है. यूनुस सरकार ने आतंकवाद विरोधी कानून के तहत यह अवामी लीग पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है. यूनुस सरकार का कहना है कि यह प्रतिबंध तब तक जारी रहेगा, जब तक अवामी लीग नेताओं के खिलाफ इंटरनेशनल क्राइम्स ट्राइब्यूनिल (ICT) में मुकदमे पूरे नहीं हो जाते. अंतरिम सरकार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया. साथ ही ICT कानून में संशोधन किया गया. इस संशोधन के तहत किसी भी राजनातिक दल, उसके नेताओं के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति मिल गई. अधिकारियों का कहना है कि सरकार ने यह फैसला जुलाई 2024 में हुए विद्रोही प्रदर्शनों में शामिल लोगों और गवाहों की सुरक्षा एवं शिकायतों के मद्देनजर लिया गया है.

बैन पर क्या बोली अवामी लीग?

बैन पर अवामी लीग का कहना है कि यूनुस सरकार का यह फैसला बांग्लादेश को तानाशाही दिशा में धकेल रहा है. उन्होंने फैसले का विरोध किया. अवामी लीग ने मानवाधिकार संगठनों और अंरराष्ट्रीय समुदायों से अपील की है कि वे इस अलोकतांत्रिक निर्णय की निंदा करें. उन्होंने सरकार के इस फैसले को बांग्लादेश के इतिहास का काला दिन बताया.

क्या है अवामी लीग का इतिहास?

अवामी लीग की स्थापना 1949 में हुई थी. यह बांग्लादेश की दो प्रमुख पार्टियों में से एक है. यह पार्टी लंबे समय तक सरकार में रही. पूर्वी पाकिस्तान के समय बंगालियों के लिए स्वतंत्रता आंदोलन का नेतृत्व इसी पार्टी ने किया था और 1971 के मुक्ति संग्राम में अहम भूमिका निभाई थी. 2024 में हुए आंदोलन के बाद शेख हसीना को मजबूरन भारत में शरण लेनी पड़ी और वहां मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में सरकार बनी. 


यह भी पढ़ें - 87 घंटे, 56 मिनट बाद भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम, पर संश्य बरकरार, 4 दिन चले 'ऑपरेशन सिंदूर' से पाक में कितना नुकसान?


 

भारत-पाकिस्तान के बीच युद्धविराम

भारत पाकिस्तान के बीच युद्ध विराम के ऐलान के बाद भी पाकिस्तान ने सीमा पर युद्धविराम का उल्ंलघन किया, जिसका भारतीय सेनाओं ने डटकर जवाब दिया. भारत पाकिस्तान के इस तनाव के बीच बांग्लादेश में अलग ही खेल हो गया. वहां, अवामी लीग पर बैन लग गया है, जिसका पार्टी ने विरोध किया है. 

 

अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए हमारे गूगलफेसबुकxइंस्टाग्रामयूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से जुड़ें.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement