दुनिया
विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, इस संघर्ष से किसी की भी मदद नहीं हो रही. दोनों पक्षों को वार्ता के रास्ते पर वापस लौटना चाहिए.
डीएनए हिंदी: भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में रूस यूक्रेन युद्ध (Russia Ukraine War) से जुड़े एक ड्राफ्ट पर पब्लिक वोटिंग के पक्ष में मतदान किया है. यह ड्राफ्ट यूक्रेन के चार क्षेत्रों को मास्को द्वारा अवैध तरीके से अपना हिस्सा बना लिए जाने की निंदा से जुड़ा था. इस प्रस्ताव पर भारत समेत 100 से ज्यादा देशों ने सार्वजनिक रूप से मतदान करने के पक्ष में वोट दिया है, जबकि रूस इस मसले पर सीक्रेट वोटिंग कराने की मांग कर रहा था. उधर, विदेश मंत्री एस. जयशंकर (Foreign Minister S. Jaishankar) ने भी साफतौर पर कहा कि आम नागरिकों की जान लेना भारत को किसी भी तरह स्वीकार नहीं है. उन्होंने रूस और यूक्रेन, दोनों से आपसी टकराव को कूटनीति व वार्ता के जरिए सुलझाने की राह पर लौटने की सलाह दी. भारत का अपने ऑल टाइम सहयोगी रूस के खिलाफ यह रुख उस पर दबाव बढ़ाने वाला माना जा रहा है.
भारत पहले रहा था यूएन में वोटिंग से अनुपस्थित
भारत इससे पहले यूक्रेन युद्ध को लेकर UNGA या संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में पेश होने वाले प्रस्तावों पर वोटिंग के दौरान अनुपस्थित होता रहा है. इस बार भी निंदा प्रस्ताव के मसौदे पर मतदान को लेकर भारत ने अपना रुख स्पष्ट नहीं किया था. विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा था कि यह विवेक और नीति का मामला है, हम अपना वोट किसे देंगे, यह पहले से नहीं बता सकते. हालांकि विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने सोमवार को ही कहा था कि रूस-यूक्रेन के बीच तनाव घटाने वाले सभी प्रयासों का समर्थन करने के लिए भारत हमेशा तैयार है.
A lively discussion with @mfullilove at the @LowyInstitute in Sydney this evening.
Discussed our bilateral relationship in the context of larger global developments.
Watch: https://t.co/GvXp23ly6z pic.twitter.com/xHrtw6Vw1R— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) October 11, 2022
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दुनिया के बड़े हिस्से को हो रहा इस युद्ध से नुकसान: जयशंकर
ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गए हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर से वहां लोवी इंस्टिट्यूट में एक कार्यक्रम के दौरान रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर सवाल पूछे गए. उन्होंने रूस के ताजा मिसाइल हमलों से जुड़े सवाल पर कहा कि दुनिया के किसी भी हिस्से में आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर को टारगेट करना और आम नागरिकों की जान लेना स्वीकार नहीं किया जा सकता.
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जयशंकर ने कहा, यह संघर्ष किसी की मदद नहीं कर रहा है, बल्कि इससे दुनिया के बड़े हिस्से को नुकसान पहुंच रहा है. लोगों की दिनचर्या को हानि हो रही है. ज्यादातर देश इस युद्ध के कारण निराश हैं, क्योंकि उन्हें लग रहा है कि उनकी समस्याओं की अनदेखी हो रही है. जयशंकर ने दोनों देशों को आपसी संघर्ष का हल निकालने के लिए कूटनीति और बातचीत के रास्ते पर लौटने की सलाह दी.
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रूस कर रहा है अब घातक हमले
यूक्रेनी सेनाओं के खिलाफ पिछड़ते दिख रहे रूस ने पिछले 3 दिन के दौरान घातक हमले किए हैं. क्रीमिया और रूस को जोड़ने वाले पुल पर ट्रक में हुए विस्फोट के बाद रूस का रुख बेहद घातक हो गया है. इसके चलते यूक्रेन के कई शहरों पर लगातार मिसाइलों की बरसात की जा रही है. इससे जहां बड़े पैमाने पर बिजली और अन्य आवश्यकताओं से जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर नष्ट हो गया है, वहीं बड़ी संख्या में लोग भी मारे गए हैं.
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