दुनिया
दुनिया की नंबर-1 महाशक्ति बनने की होड़ में अमेरिका और चीन के बीच विवाद थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. ताइवान (Taiwan) के मुद्दे पर दोनों देशों में तनाव बना हुआ ही है. अब दोनों देशों कोविड-19 नियमों की आड़ लेकर एक-दूसरे से भिड़ गए हैं.
डीएनए हिंदी: अमेरिकी सरकार ने चीनी एयरलाइन कंपनियों की USA से चीन जाने वाली 26 फ्लाइट्स निलंबित कर दी हैं. यह कदम उस विवाद के बाद उठाया गया है, जिसमें बीजिंग (Beijing) ने एंटी-वायरस कंट्रोल का मुद्दा उठाकर अमेरिकी फ्लाइट्स का आवागमन निलंबित कर दिया था.
अमेरिकी ट्रांसपोर्टेशन डिपार्टमेंट ने गुरुवार को शिकायत की थी कि बीजिंग ने एयर ट्रैवल एग्रीमेंट तोड़ा है. साथ ही आरोप लगाया था कि अमेरिकी फ्लाइट्स को भेदभाव वाले तरीके से एक ऐसे सिस्टम को लागू करने के लिए मजबूर किया, जिसमें किसी यात्री के कोविड-19 (Covid-19) पॉजिटिव मिलने पर फ्लाइट्स को निलंबित करना पड़ता है.
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अमेरिका ने उठाया है यह जवाबी कदम
यूएस रेगुलेटर्स ने एयर चाइना लिमिटेड की न्यूयॉर्क सिटी से उड़ान भरने वाली 7 फ्लाइट्स निलंबित कर दी हैं. इसके अलावा लॉस एंजेलिस से 19 फ्लाइट्स सस्पेंड की गई हैं, जिनमें एयर चाइना, चाइना ईस्टर्न एयरलाइंस लिमिटेड, चाइना सदर्न एयरलाइंस लिमिटेड और शियामैन एयरलाइंस लिमिटेड की फ्लाइट्स हैं. इसकी जानकारी देते हुए डिपार्टमेंट ऑफ ट्रांसपोर्टेशन ने कहा है कि चीन की उतनी ही फ्लाइट्स निलंबित की गई हैं, जितनी फ्लाइट्स बीजिंग के 'सर्किट-ब्रेकर' सिस्टम के कारण यूनाइटेड एयरलाइंस, अमेरिकन एयरलाइंस और डेल्टा एयरलाइंस को रद्द करनी पड़ी हैं.
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चीन ने लागू कर रखा है 'जीरो कोविड' प्लान
चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी ने अपने देश में 'जीरो कोविड' प्लान लागू किया है, जिसका मकसद किसी भी तरह कोरोना वायरस को देश से दूर रखना है. उसका आरोप है कि अन्य देशों की सरकारों ने अपनी रणनीति को 'महामारी के साथ जिंदगी' के तहत शिफ्ट कर दिया है. चीन की नीति के कारण वहां कोरोना मरीजों की संख्या तो घट रही है, लेकिन इससे यात्रा, उत्पादन और व्यापार प्रभावित हो रहा है. इसके चलते चीन ने अपने यहां ट्रैवल प्रतिबंधों में ढील दी है, लेकिन चीन से बाहर के ज्यादातर फॉरेन विजिटर्स अब भी प्रतिबंधित हैं.
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क्या है चीन का 'सर्किट-ब्रेकर' सिस्टम का प्रभाव
चीन ने 7 अगस्त पहले तक नियम बना रखा था कि यदि किसी फ्लाइट में 9 यात्री कोरोना पॉजिटिव मिलते हैं तो उस एयरलाइंस को अपनी एक फ्लाइट 2 सप्ताह के लिए सस्पेंड करनी पड़ती थी या फिर यात्रियों की संख्या को घटाकर 40 फीसदी करना पड़ता था.
चीन के सर्किट-ब्रेकर सिस्टम को 7 अगस्त से लागू किया गया है. नए सिस्टम में यदि किसी फ्लाइट में कुल यात्रियों के 4 फीसदी कोरोना पॉजिटिव मिलते हैं तो एयरलाइंस को अपनी फ्लाइट निलंबित करनी पड़ रही है.
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अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ ट्रांपोर्टेशन का आरोप है कि इससे एयरलाइंस को उन यात्रियों के कारण खामियाजा भुगतना पड़ रहा है, जिनका टेस्ट रिजल्ट फ्लाइट में बैठने से पहले निगेटिव था, लेकिन वे चीन में एंट्री के बाद पॉजिटिव पाए गए हैं.
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