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Iraq Election: चुनाव के दौरान संसद पर रॉकेट हमले, राशिद बने नए राष्ट्रपति, जानिए कौन हैं वो

संसद के ग्रीन जोन में 9 रॉकेट गिरे, जिनकी चपेट में आकर 5 लोग घायल हो गए हैं. इनमें 3 नागरिक और 2 सैन्यकर्मी हैं.

Iraq Election: चुनाव के दौरान संसद पर रॉकेट हमले, राशिद बने नए राष्ट्रपति, जानिए कौन हैं वो
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डीएनए हिंदी: इराक में चल रहे राजनीतिक संकट का हल बृहस्पतिवार को निकल गया. संसद पर रॉकेट हमले के बावजूद इराकी सांसद नए राष्ट्रपति को चुनकर देश में स्थिरता व शांति लाने के लिए डटे रहे. आखिरकार अब्दुल राशिद लतीफ (Abdul Rashid Latif) को नया राष्ट्रपति चुन लिया गया है. इससे पहले विद्रोही गुटों ने संसद पर करीब 9 रॉकेट दागे, जिसके चलते संसदीय सत्र थोड़ा विलंब से शुरू हुआ. इन हमलों की चपेट में आकर 5 लोग घायल हो गए हैं.

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कुर्दिश नेता हैं लतीफ, ब्रिटेन से की है इंजीनियरिंग

78 साल के अब्दुल राशिद लतीफ उसी कुर्द समुदाय के नेता हैं, जिन पर इराकी तानाशाह सद्दाम हुसैन के शासनकाल में बेहद अत्याचार हुए थे. राशिद ने ब्रिटेन से इंजीनियरिंग की है और उन्हें एक पढ़े-लिखे समझदार नेता के तौर पर पहचाना जाता है. इससे पहले साल 2003 से 2010 तक वे देश के जल संसाधन मंत्री भी रह चुके हैं. 

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15 दिन में सरकार गठन का मौका देंगे लतीफ

दो इराकी सांसदों के मुताबिक, लतीफ के पास देश में पिछले करीब एक साल से चल रहे लोकतांत्रिक गतिरोध को तोड़ने के लिए 15 दिन का मौका है. उन्हें इस दौरान देश की संसद के सबसे बड़े गठबंधन को पहचान कर लोकतांत्रिक सरकार के गठन के लिए आमंत्रित करना होगा. इराक में संघीय चुनाव होने के बाद करीब एक साल तक सरकार का गठन बाधित रहा है.

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किले में तब्दील की गई थी संसद

इराकी संकट हल करने के लिए संसदीय सत्र का इंतजार सभी लोग कर रहे थे. इसके लिए इराकी सेना ने संसद के 'ग्रीन जोन' के भीतर का एरिया पूरी तरह किले में तब्दील कर रखा था. इसके बावजूद विद्रोही गुट संसद पर कम से कम 9 रॉकेट दागने में सफल रहे. इराकी सेना के अधिकारियों के मुताबिक, ये रॉकेट ग्रीन जोन के भीतर गिरे, जिनकी चपेट में आकर तीन आम नागरिक और दो सैन्यकर्मी घायल हो गए.

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अधिकारियों के मुताबिक, ये रॉकेट हमले 'कोऑर्डिनेशन फ्रेमवर्क' के बाद किए गए हैं. इन्हें दागने वाले का अब तक पता नहीं लग सका है. माना जा रहा है कि यह हमला संसद के निर्धारित सेशन को रोकने के लिए किया गया था. हमले के कारण संसदीय सत्र को थोड़ी देर के लिए रोक दिया गया, लेकिन इसके बाद अब्दुल राशिद लतीफ को राष्ट्रपति चुना गया. इराकी कानून के तहत, प्रधानमंत्री पद के लिए नामित व्यक्ति के वास्ते मतदान करने से पहले सांसदों को राष्ट्रपति चुनना पड़ता है.

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