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Biden Package For Climate Change: जो बाइडेन ने जलवायु परिवर्तन को माना इमरजेंसी, राहत पैकेज का किया ऐलान

Joe Biden On Climate Change: अमेरिका का एक बड़ा हिस्सा और कई शहर इस वक्त प्रचंड गर्मी से जूझ रहे हैं. कई संगठन लगातार जलवायु परिवर्तन संकट को इमरजेंसी घोषित करने की मांग कर रहे हैं. प्रेसिडेंट जो बाइडेन (President Biden) ने इसके लिए बड़े राहत पैकेज का ऐलान किया है. 

Biden Package For Climate Change: जो बाइडेन ने जलवायु परिवर्तन को माना इमरजेंसी, राहत पैकेज का किया ऐलान

Joe Biden

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डीएनए हिंदी: अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने गुरुवार को जलवायु परिवर्तन (Climate Change) को बड़ी समस्या बताया है. उन्होंने जलवायु परिवर्तन को आपातकाल तो माना लेकिन आधिकारिक तौर पर इसका ऐलान नहीं किया है. हालांकि, उन्होंने इस समस्या से निपटने के लिए एक पैकेज का ज़रूर ऐलान किया है. साथ ही, उन्होंने कहा है कि इस चुनौती से निपटने के लिए ज़रूरी और प्रभावी कदम उठाए जाएंगे. इस वक्त यूरोप और अमेरिका के बड़े हिस्से में प्रचंड गर्मी पड़ रही है और लू की वजह से कई हिस्सों के लिए अलर्ट जारी किया गया है. 

Joe Biden ने जलवायु परिवर्तन के लिए जारी किया पैकेज 
इस वक्त यूरोप और अमेरिका में प्रचंड लू चल रही है और गर्मी से विश्व का बहुत बड़ा हिस्सा परेशान है. ऐसे वक्त में मैसाचुसेट्स के दौरे पर पहुंचे प्रेसिडेंट बाइडेन ने यह टिप्पणी की है. प्रचंड लू की वजह से अमेरिका के न्यूयॉर्क और लास वेगास के लिए अलर्ट जारी किया गया है. इन दो बड़े शहरों में करीब 100 मिलियन लोग रहते हैं. बाइडेन के कहा, 'जलवायु परिवर्तन हमारे देश और पूरी दुनिया के लिए एक बहुत बड़ा खतरा है. यह आपातकालीन स्थिति है और मैं इसे इसी तरीके से देख रहा हूं.'

राहत पैकेज में नए कूलिंग सेंटर और तेल संपन्न मेक्सिको की खाड़ी के लिए विंड प्रोजेक्ट का ऐलान किया गया है. हालांकि, राहत पैकेज के ऐलान के बाद भी क्लाइमेंट चेंज के लिए काम करने वाले संगठनों और कई डेमोक्रेट्स जनप्रतिनिधियों की नाराजगी बढ़ा सकता है. इनकी मांग जलवायु परिवर्तन को आधिकारिक तौर पर आपातकाल घोषित करने की है. 

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Senate में बहुमत को लेकर दबाव में हैं बाइडेन
बता दें कि बाइडेन ने ऐसे वक्त में पैकेज का ऐलान किया है जब वह राजनीतिक समीकरणों के लिहाज दबाव में हैं. पिछले हफ्ते कंजर्वेटिव डेमोक्रेटिक सीनेटर जो मैनकिन ने स्पष्ट कहा था कि वह कांग्रेस में मुख्य जलवायु प्रावधानों का समर्थन नहीं करेंगे. सीनेट में इस वक्त बहुत मामूली अंतर पर दोनों बड़ी पार्टियां हैं. ऐसे हालात में राष्ट्रपति के लिए एक मत गंवाना भी बड़ा नुकसान हो सकता है. 

फेडरल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी राज्यों के निर्माण में मदद करने के लिए $2.3 बिलियन की वित्तीय सहायता करने वाली है. व्हाइट हाउस की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि प्रचंड गर्मी से निपटने और जलवायु परिवर्तन के दूसरे प्रभावों को निपटने के लिए इस राशि का इस्तेमाल किया जाएगा. व्हाइट हाउस ने बताया कि कूलिंग सेंटर्स, बिल्डिंग रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर एंड कम्युनिटी प्रोग्राम में यह अब तक का सबसे बड़ा निवेश है.

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बाढ़, लू, गर्मी से निपटने के लिए फंड का होगा इस्तेमाल 
2.3 बिलियन डॉलर की राशि का इस्तेमाल क्लाइमेट चेंज से जुड़ी अलग-अलग परिस्थितियों से जूझने में इस्तेमाल किया जाएगा. इस राशि से बाढ़ नियंत्रण, तूफान का सामना करने वाले उपकरणों, आधुनिक तरह की बिल्डिंग और कम आय वाले लोगों के लिए कूलिंग उपकरणों की खरीद पर खर्च किया जाना तय किया गया है. 

मेक्सिको की खाड़ी अमेरिका के लिए आर्थिक लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है और बाइडेन ने खास तौर पर इस इलाके के लिए राहत पैकेज का ऐलान किया है. उन्होंने बताया कि प्रशासन ने 700,000 एकड़ के हिस्से की इस इलाके में पहचान की गई है जहां विंड एनर्जी के लिए निवेश किया जाएगा. बता दें कि चुनाव प्रचार के दौरान भी ग्रीन हाउस गैस और कार्बन उत्सर्जन को कम करने की अपनी प्रतिबद्धता का जिक्र बाइडेन बार-बार करते रहे थे. 

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