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दक्षिणी लेबनान में हिज्बुल्लाह के हथियारों के डिपो और सुरंग पर इजरायल की एयरस्ट्राइक के बाद 4.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया. हमलों में 12 लोगों की मौत हुई है.
Israel Strike Hezbollah Tunnel Earthquake: दक्षिणी लेबनान में इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच जारी संघर्ष में उस समय नया और गंभीर मोड़ आ गया जब इजरायली वायुसेना के भीषण हमले के बाद इलाके में 4.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया. अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने भी इस भूकंपीय झटके की पुष्टि की है.
लेबनान की राष्ट्रीय समाचार एजेंसी (NNA) के अनुसार, इजरायली सेना ने अली अल-ताहेर रिज स्थित हिज्बुल्लाह के एक बड़े सुरंग नेटवर्क और हथियार डिपो को निशाना बनाकर यह शक्तिशाली एयरस्ट्राइक की थी. इस हमले के बाद उठे जोरदार विस्फोट के धमाके और झटके नबातियेह और उसके आसपास के विशाल क्षेत्रों में स्पष्ट रूप से महसूस किए गए.
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने इस बड़े हमले की आधिकारिक पुष्टि की है. एक संयुक्त बयान में उन्होंने कहा कि इस सैन्य अभियान के साथ ही उस क्षेत्र में सुरक्षा क्षेत्र (सिक्योरिटी ज़ोन) को मजबूत करने का काम पूरा हो गया है.
Southern Lebanon experienced a magnitude-4.1 earthquake triggered by Israeli explosives detonated at the Ali Taher ridge, the US Geological Survey confirmed. pic.twitter.com/wbBjIlGkNU
— HatsOff (@HatsOffff) September 11, 2026
इजरायली नेतृत्व के अनुसार, यह ठिकाना ईरान के वित्तीय पोषण और रणनीतिक योजना से पिछले दो दशकों में तैयार किया गया एक महत्वपूर्ण 'रणनीतिक आतंकी बुनियादी ढांचा' था. इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने से पहले अली अल-ताहेर पहाड़ी के ऊपर और जमीन के नीचे अपना पूर्ण परिचालन नियंत्रण स्थापित कर लिया था.
इजरायली सेना के अनुसार, जमीन के नीचे बना यह नेटवर्क 2 किलोमीटर से अधिक लंबा था. इस परिसर के भीतर दर्जनों रॉकेट, मिसाइलें, ड्रोन, टैंक-रोधी मिसाइलें, खदानें और विस्फोटक सामग्री भारी मात्रा में मौजूद थी. इसके अलावा, इस भूमिगत ठिकाने में आधुनिक कमांड सेंटर, हथियार भंडारण स्थल और रहने के कमरे बनाए गए थे, ताकि लड़ाके लंबे समय तक जमीन के नीचे रहकर काम कर सकें.
प्रधानमंत्री नेतन्याहू और रक्षा मंत्री काट्ज़ ने स्पष्ट किया कि इजरायली बल इस सुरक्षा क्षेत्र में बने रहेंगे और हिज्बुल्लाह के बुनियादी ढांचे को नष्ट करना जारी रखेंगे. उन्होंने चेतावनी दी कि इजरायल लेबनान के भीतर से ही अपने उत्तरी समुदायों की रक्षा करेगा और किसी भी हमले का कड़ा जवाब देगा.
इस भयानक सुरंग विस्फोट के अलावा, इजरायली वायुसेना द्वारा दक्षिणी लेबनान के एक गांव में किए गए दो अलग-अलग हवाई हमलों में कम से कम 12 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और बच्चों सहित कई लोग घायल हो गए. दो महीने से अधिक समय पहले हुए युद्धविराम के बावजूद दोनों पक्षों में यह तनाव देखा जा रहा है.
लेबनानी स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, पहले हमले में एक इमारत को निशाना बनाया गया, जिसमें 2 बच्चों और 4 महिलाओं सहित 11 लोगों की मौत हो गई और 8 अन्य घायल हो गए. दूसरा हमला एक कार पर हुआ, जिसमें लेबनानी इस्लामिक रिसाला स्काउट एसोसिएशन से जुड़ा एक पैरामेडिक मारा गया.
इजरायली सेना ने दावा किया कि ये हवाई हमले सोमवार तड़के लेबनान में तैनात इजरायली सैनिकों पर हिज्बुल्लाह द्वारा किए गए दो ड्रोन हमलों के जवाब में किए गए थे. सेना के अनुसार, एक स्ट्राइक में उस हिज्बुल्लाह लड़ाके को निशाना बनाया गया जो कफ़र रुम्मान में हथियार ले जा रहा था. दूसरी ओर, हिज्बुल्लाह ने ड्रोन हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है और न ही नबातियेह प्रांत में बढ़ते इजरायली हमलों पर तुरंत कोई टिप्पणी की है.