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Naftali Bennett Joins Army: हमास के आतंकी हमले का जवाब देने के लिए इजरायल ने युद्ध का ऐलान कर दिया है जिसके बाद देश के नागरिक अपनी सैन्य ड्यूटी के लिए तैयार हैं. पूर्व पीएम नफ्ताली बेनेट को भी अपनी आर्मी यूनिट के साथ देखा गया है.
डीएनए हिंदी: इजरायल पर हमास के हमले में अब तक सैनिकों समेत 100 लोगों के मारे जाने की खबर है. हमास के 5,000 से ज्यादा रॉकेट दागने के बाद इजरायल ने युद्ध का ऐलान कर दिया है. इसके साथ ही सेना हाई अलर्ट पर है और आम नागरिकों को भी अपना योगदान देने के लिए तैयार रहने को कहा गया है. शनिवार को पूर्व पीएम और इजरायल के चर्चित नेता नफ्ताली बेनेट ने भी अपनी यूनिट को ज्वाइन कर लिया. सोशल मीडिया पर उनकी खूब तारीफ हो रही है और इसे देशप्रेम का उदाहरण बताया जा रहा है. जवाबी हमले में इजरायली सेना ने गाजा पट्टी में हमास के 17 ठिकानों को नष्ट करने का दावा किया है. नेतन्याहू का भी कहना है कि अब युद्ध शुरू हो चुका है और हम सिर्फ जीतेंगे.
हमास के आतंकी हमले के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री ने युद्ध का ऐलान कर दिया है. उन्होंने देशवासियों को दिए भावुक संदेश में कहा है कि युद्ध शुरू हो चुका है और हमें जीतना है. इसके बाद से सेना ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है और रिजर्व सैनिकों को भी ड्यूटी से जुड़ने का निर्देश दिया गया है. इजरायल के पूर्व पीएम नफ्ताली बेनेट समेत की वरिष्ठ राजनेता अपनी-अपनी यूनिट पहुंच गए हैं ताकि मुश्किल के वक्त में देश के लिए बतौर सैनिक अपना योगदान दे सकें.
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सैनिक की वर्दी में नजर आए नफ्ताली बेनेट
इजरायल में सभी नागरिकों के लिए सैन्य सेवा अनिवार्य है और युद्ध ऐलान के बाद सभी रिजर्व सैनिकों को ड्यूटी पर बुला लिया गया है. पूर्व पीएम नफ्ताली बेनेट ने यूनिफॉर्म में वर्दी पहनकर ज्वाइन कर लिया है और यह देशवासियों के मनोबल के लिहाज से महत्वपूर्ण है. वह इजरायली डिफेंस फोर्सेज की एलीट कमांडो यूनिट सायरेत मटकल और मगलन के कमांडो रह चुके हैं. राजनीति में उनका करियर लगभग 17 साल का है और इस दौरान वह पीएम, रक्षा मंत्री के अलावा 5 बार सांसद भी चुने गए हैं.
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फिलिस्तीन की आजादी के सख्त विरोधी हैं बेनेट
नफ्ताली बेनेट सैनिक और सफल राजनेता होने के साथ ही इजरायल के बड़े कारोबारी भी हैं. फिलिस्तीन की स्वतंत्रता के कट्टर विरोधी बेनेट पश्चिमी किनारे और पूर्वी यरुशलम में यहूदियों की बस्तियों को बसाने का जोरदार समर्थन करते हैं. वह इजरायल के पीएम भी रह चुके हैं और इस दौरान फिलिस्तीन के लिए उनका रुख हमेशा बेहद कड़ा रहा है. कभी नेतन्याहू के जरिए राजनीति में आने वाले बेनेट ने यरुशलम में यहूदियों को बसाए जाने में देरी को लेकर संसद में ही खूब सुनाया था.
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