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ईरान और इज़राइल के बीच संघर्ष सातवें दिन में पहुंच गया है. इज़राइली हैकर्स ने ईरान के सरकारी IRIB टीवी और अन्य न्यूज़ चैनलों को हैक कर 2022 के विरोध प्रदर्शनों के वीडियो प्रसारित किए, जिनमें महिलाएं हिजाब के खिलाफ बाल काटती दिखीं.
ईरान और इजराइल के बीच तनाव अब खुली जंग का रूप ले चुका है. यह संघर्ष सातवें दिन में पहुंच चुका है और अब इसमें साइबर अटैक, सैन्य योजना और वैश्विक प्रदर्शन जैसी कई परतें जुड़ गई हैं. इजराइली हैकर्स द्वारा ईरानी टीवी चैनलों की हैकिंग से लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा संभावित सैन्य कार्रवाई की मंजूरी तक, हालात बेहद गंभीर हो चुके हैं.
बुधवार देर रात इजराइली हैकर्स ने ईरान के सरकारी मीडिया संस्थान IRIB टीवी समेत कई न्यूज चैनलों को हैक कर लिया. इस साइबर अटैक के दौरान स्क्रीन पर 2022 के विरोध प्रदर्शनों के वीडियो चलाए गए, जिनमें ईरानी महिलाएं हिजाब के खिलाफ विरोध में अपने बाल काटती दिख रही थीं. इन वीडियो के ज़रिए लोगों से सरकार के खिलाफ विद्रोह की अपील की गई. यह घटना न केवल साइबर सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है, बल्कि ईरानी शासन की अस्थिरता का भी प्रतीक बन रही है.
ये वीडियो 2022 में मारी गई महसा अमीनी की घटना से जुड़े थे. महसा को गलत तरीके से हिजाब पहनने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद पुलिस कस्टडी में उसकी मौत हो गई. इस घटना ने पूरे ईरान में महिला अधिकारों को लेकर व्यापक विरोध की लहर चला दी थी. उसी आंदोलन की झलक इजराइली हैकर्स ने एक बार फिर दुनिया के सामने रख दी.
🇮🇷 | LO ÚLTIMO: Las mujeres de Irán-Saqqez se quitaron el velo (hiyab) en protesta contra el asesinato de Mahsa Amini, mujer de 22 años, a manos de la policía. Gritan: "Muerte al dictador".
— News Day Mundo (@NewsDayMundo) September 17, 2022
Quitarse el velo (hiyab) es un delito punible en Irán. #MashaAmini pic.twitter.com/c4aKlJbSYD
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान पर हमले की योजना को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है. वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प अंतिम आदेश देने से पहले यह देखना चाहते हैं कि क्या ईरान अपना न्यूक्लियर प्रोग्राम रोकता है या नहीं. हमले की तैयारी पूरी है, केवल अंतिम आदेश का इंतजार है.
अमेरिका में भी ईरान के समर्थन में प्रदर्शन देखने को मिले. न्यूयॉर्क में टाइम्स स्क्वायर पर ईरान समर्थकों ने मार्च किया और “ईरान से दूर रहो” जैसे नारे लगाए. यह प्रदर्शन फिलिस्तीनी युवा आंदोलन, पीपुल्स फोरम, और ANSWER एलायंस जैसे संगठनों ने मिलकर आयोजित किया. हालांकि, न्यूयॉर्क पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को इजराइली दूतावास तक पहुंचने से रोक दिया.
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