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Israel Elections: 3 साल में पांचवीं बार इजरायल में चुनाव, नेतन्याहू की वापसी होगी? समझें सारे समीकरण

Israel Heading To Elections: इजरायल में पिछले 3.5 साल राजनीतिक अस्थिरता के रहे हैं. देश नए चुनाव की ओर बढ़ गया है. साढे़ 3 साल में पांचवां चुनाव है.

Israel Elections: 3 साल में पांचवीं बार इजरायल में चुनाव, नेतन्याहू की वापसी होगी? समझें सारे समीकरण

बेनेट सरकार का गिरना नेतन्याहू के लिए मौका

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डीएनए हिंदी:  इज़राइल (Israel) साढ़े तीन साल में अपने पांचवें चुनाव की ओर बढ़ गया है. पीएम नफ्ताली बेनेट के कार्यालय का कहना है कि सरकार को भंग कर दिया जाएगा और राष्ट्र में नए चुनाव होंगे. दरअसल, इजरायल के प्रधानमंत्री (Prime Minister) नफ्ताली बेनेट (Naftali Bennett) और वैकल्पिक पीएम यायर लैपिड (Yair Lapid) ने गठबंधन जारी नहीं रखने का फैसला किया है. दोनों शीर्ष नेताओं ने गठबंधन को बनाए रखने के अपने प्रयासों को सोमवार को छोड़ने का ऐलान कर दिया है. इसके बाद नए चुनाव की स्थिति बन गई है. 

Netanyahu के लिए बना मौका
एक संयुक्त बयान में, बेनेट और लैपिड ने कहा कि वे नेसेट (Knesset) या  संसद को भंग करने के लिए अगले सोमवार को मतदान के लिए एक विधेयक लाएंगे. यानी अक्टूबर में चुनाव होने की संभावना है. बेनेट के करीबी सूत्रों ने कहा कि दोनों का लक्ष्य अपनी शर्तों पर चुनाव शुरू करना था और वे विपक्षी नेता बेंजामिन नेतन्याहू द्वारा मजबूर किए जाने से बचना चाहते थे.

अभी भी एक मौका है कि नेतन्याहू मौजूदा नेसेट के भीतर एक वैकल्पिक सरकार बनाने में सफल हो सकते हैं. यह तब होगा जब गठबंधन के सदस्य (न्यू होप और यामिना से ) पक्ष बदल लें और नेतन्याहू के दक्षिणपंथी गुट में शामिल हो जाएं. इजरायल की मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि गठबंधन भंग होने से माहौल पूर्व पीएम के अनुकूल बन रहा है.

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Yair Lapid नई सरकार के सत्ता में आने तक कार्यवाहक पीएम बने रहेंगे
गठबंधन समझौते के अनुसार, लैपिड चुनाव तक और नई सरकार के सत्ता में आने तक कार्यवाहक प्रधान मंत्री बने रहेंगे. वह अगले महीने इजराइल आने पर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन का अभिवादन भी करेंगे. बेनेट और लैपिड ने एक बयान में कहा, 'एक बार मंजूरी मिलने के बाद, रोटेशन को व्यवस्थित तरीके से किया जाएगा.'

इससे पहले बेनेट ने शुक्रवार को अटॉर्नी-जनरल गली बहारव मायरा से बात की है. उन्होंने लैपिड को बताया कि वेस्ट बैंक (West Bank) के आपातकालीन बिल को 30 जून की समयसीमा से आगे नहीं बढ़ाया जा सकता है.बिल पारित करने का और कोई रास्ता नहीं था इसलिए बेनेट और लैपिड को संसद भंग करने का फैसला बेहतर लगा. यह फैसला ऑटोमैटिकली वेस्ट बैंक में सुरक्षा नियमों का विस्तार कर देगा.

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