दुनिया
कुछ महीने पहले 4 यूरोपीय देशों ने फलस्तीन को एक देश के तौर पर मान्यता देने की घोषणा की थी. इन देशों में आयरलैंड भी शामिल था.
इजरायल इस वक्त कई मोर्चों पर लड़ रहा है. मिडिल ईस्ट में मौजूद अपने पड़ोसी देशों के साथ वो पिछले एक साल से लगातार संघर्षरत है. इस संघर्ष की शुरुआत पिछले साल हुई थी, जब हमास के आतंकियों ने इजरायल में जाकर आम लोगों पर हमले किए और उन्हें बंधक बना लिया था. उसके बाद इजरायल लगातार गाजा में मौजूद हमास, लेबनान के हिजबुल्लाह, ईरान और यमन के हुती बाग़ियों के साथ लड़ाई लड़ रहा है. इसी बीच दुनिया के ऐसे कई देश हैं जो इजरायल के ऊपर मानवाधिकार के हनन का आरोप लगाते हैं. उन्हीं देशों में से एक देश है आयरलैंड. आयरलैंड के इसी रुख़ की वजह से इजरायल ने फैसला किया है कि वो वहां अपना दूतावास बंद करेगा.
इजरायल ने बताया इस फैसले के पीछे का कारण
इजरायल की ओर से इसको लेकर एक स्टेटमेंट जारी किया गया है. रविवार को इजरायल ने अपने इस निर्णय को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है. इजरायल की ओर से बताया गया कि उसका ये फैसला गाजा में जारी संघर्ष को लेकर दोनों देशों के दरम्यान ख़राब होते रिश्ते के मद्देनज़र लिया है. इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सा'र की ओर से बताया गया कि ये बड़ा फैसला आयरलैंड की ओर से इजराइल के खिलाफ वाली पॉलिसीज की वजह से उठाया गया है. साथ ही उन्होंने जोर देकर कहा कि आयरलैंड की तरफ से इजराइल को लेकर सारी सीमाएं लंघ दी गई.
फलस्तीन को एक देश के तौर पर मान्यता दी गई थी
आपको बताते चलें कि कुछ महीने पहले 4 यूरोपीय देशों ने फलस्तीन को एक देश के तौर पर मान्यता देने की घोषणा की थी. इन देशों में आयरलैंड, नॉर्वे, स्लोवेनिया और स्पेन शामिल हैं.
ख़बर की और जानकारी के लिए डाउनलोड करें DNA App, अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए जुड़ें हमारे गूगल, फेसबुक, x, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से.