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Iran: 'महिलाएं नाजुक फूल की तरह हैं..' ईरानी सुप्रीम लीडर खामेनेई के इस बयान के क्या है मायने, जानें पूरी बात

Ayatollah Ali Khamenei: ईरान में महिलाओं के अधिकारों का उल्लंघन कई सालों से जारी है. अब सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने एक ट्वीट में महिलाओं को 'नाजुक फूल' बताया, जिससे नया विवाद उठ खड़ा हुआ है.

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Iran: 'महिलाएं नाजुक फूल की तरह हैं..' ईरानी सुप्रीम लीडर खामेनेई के इस बयान के क्या है मायने, जानें पूरी बात

Iran Supreme Leader (Ayatollah Ali Khamenei)

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Ayatollah Ali Khamenei: ईरान (Iran) के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने (Ayatollah Ali Khamenei) हाल ही में महिलाओं को लेकर एक बयान दिया है. जिसकी चर्चा ईरान समेत पूरी दुनिया में हो रही है. खामेनेई ने ट्वीट करते हुए महिलाओं को 'नाजुक फूल' से तुलना की और कहा कि उन्हें घर में फूल की तरह सम्मान और देखभाल मिलनी चाहिए. उनके इस बयान को एक ओर बार ईरान में महिलाओं की स्थिति पर सवाल उठाने के रूप में देखा जा रहा है. 

‘नाजुक फूल’ से तुलना और घर में भूमिका
खामेनेई ने लिखा,'महिला एक नाजुक फूल की तरह है, घर कि नौकरानी नहीं. घर में उनके साथ फूल की तरह व्यवहार किया जाना चाहिए, उसकी ताजगी और मीठी खुशबू का फायदा उठाया जाना चाहिए.' उन्होंने कहा कि परिवार में पुरुषों और महिलाओं की भूमिकाएं अलग-अलग होती हैं. पुरुष परिवार के खर्चों के लिए जिम्मेदार होते हैं, जबकि महिला बच्चे पैदा करने के लिए जिम्मेदार होती है. हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इसका मतलब यह नहीं है कि एक का महत्व दूसरे से अधिक है, बल्कि यह अलग-अलग गुणों की बात है. 

हिजाब कानून पर उठे सवाल
इस बयान के ठीक बाद, ईरान में महिलाओं के अधिकारों को लेकर फिर से विवाद पैदा हो गया. पिछले हफ्ते ही ईरान ने नए सख्त हिजाब कानून को लागू करने का ऐलान किया था.  हालांकि, इसके विरोध में जमकर प्रदर्शन हुए और अब 16 दिसंबर को ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने इस विवादास्पद हिजाब कानून पर रोक लगा दी है. 


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महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी
ईरान में महिलाओं के अधिकारों की स्थिति पहले से ही दयनीय रही है. देश का नाम ग्लोबल जेंडर गैप इंडेक्स में 146 देशों में से 143वें स्थान पर है. 2022 में महसा अमिनी की मौत के बाद से महिलाओं का विरोध प्रदर्शन और भी तेज हो गया था. महिलाओं के खिलाफ सख्त कानूनों का विरोध अब भी जारी है, लेकिन खामेनेई के ताजे बयान ने इस संघर्ष को और तूल दे दिया है. 

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