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इजरायल को शक है कि ईरान अपनी सेंट्रीफ्यूज मशीनों को सुरक्षित रखने के लिए यहां शिफ्ट कर रहा है. वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस ठिकाने पर हमले की चेतावनी दी है.
अमेरिका और ईरान के बीच पहले से ही भारी तनातनी चल रही है, और इस बीच एक नई रिपोर्ट ने ईरान की परमाणु गतिविधियों को लेकर चिंताएं और बढ़ा दी हैं. खबर यह है कि ईरान के एक बेहद रहस्यमयी और संदिग्ध परमाणु ठिकाने पर इस साल निर्माण कार्य बहुत तेजी से बढ़ा है. यह ठिकाना एक ठोस ग्रेनाइट के पहाड़ के नीचे गहराई में छिपा हुआ है.
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, थिंक टैंक सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (CSIS) ने पिछले छह सालों की सैटेलाइट तस्वीरों का विश्लेषण किया है. इससे पता चला है कि तेहरान से लगभग 140 मील दूर, नातांज परमाणु परिसर के पास स्थित पिकैक्स माउंटेन ठिकाने पर इस साल निर्माण गतिविधियों में अचानक बड़ा उछाल आया है.
रिपोर्ट बताती है कि वहां सुरंगों के रास्तों को मजबूत किया जा रहा है, अंदरूनी सड़कें बनाई जा रही हैं और खुदाई से निकला मलबा हटाया जा रहा है. इस साल वहां सड़कों पर गाड़ियों की आवाजाही पहले से कहीं ज्यादा देखी गई है. विशेषज्ञों का मानना है कि अब वहां खुदाई का काम लगभग पूरा हो चुका है और अंदरूनी ढांचे को मजबूत करने का काम चल रहा है.
हालांकि, यह साफ नहीं हो पाया है कि ईरान ने इस भूमिगत परिसर में अपनी सेंट्रीफ्यूज यानी युरेनियम साफ करने वाली मशीनें शिफ्ट की हैं या नहीं. CSIS का कहना है कि लगातार चल रहे काम से लगता है कि यह ठिकाना अभी युरेनियम संवर्धन के लिए पूरी तरह तैयार नहीं है. भविष्य में इसका इस्तेमाल सेंट्रीफ्यूज बनाने, युरेनियम संवर्धित करने या किसी अन्य परमाणु काम के लिए किया जा सकता है.
Construction activity has surged this year at Pickaxe Mountain, a suspected Iranian nuclear site near Natanz, 140 miles south of Tehran, per new CSIS satellite analysis shared with CNN. https://t.co/GGMCVdHvui pic.twitter.com/AK8zhly9ft
— Open Source Intel (@Osint613) September 9, 2026
इजरायली खुफिया एजेंसियों का मानना है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को हवाई हमलों से बचाने के लिए सेंट्रीफ्यूज मशीनों को इस पहाड़ के नीचे सुरक्षित जगह पर ले जा सकता है. 2020 में नातांज ठिकाने पर हुए हमले के बाद ही ईरान ने ठोस ग्रेनाइट पहाड़ के नीचे यह भारी-भरकम बेस बनाना शुरू किया था, ताकि यह किसी भी बड़े हवाई हमले को झेल सके.
इस ठिकाने पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भी पैनी नजर है. ट्रंप ने खुलेआम चेतावनी दी है कि अगर वहां कोई संदिग्ध हलचल दिखी, तो अमेरिका बहुत जल्द पिकैक्स माउंटेन पर हमला कर सकता है. उन्होंने कहा कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियां हर पल वहां की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं.
पेंटागन के सैन्य रणनीतिकार इस ठिकाने को तबाह करने के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं. हालांकि, बड़ा सवाल यह है कि क्या अमेरिका के सबसे शक्तिशाली बंकर-बस्टर बम भी ठोस ग्रेनाइट पहाड़ की इतनी गहराई में चीरकर अंदर घुस पाएंगे या नहीं. इसी चुनौती से निपटने के लिए अमेरिका भूमिगत ठिकानों को तबाह करने की अपनी क्षमता बढ़ाने में जुटा है.
सीएनएन के अनुसार, अमेरिका ने हाल ही में न्यू मेक्सिको में एक भूमिगत परीक्षण केंद्र की मरम्मत के लिए आपातकालीन कॉन्ट्रैक्ट दिया था, जिसे ईरान के इस गहरे ठिकाने पर हमले की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है.
दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने ईरान द्वारा जांच में सहयोग न करने पर चिंता जताई है. हालांकि, ईरान ने हमेशा की तरह परमाणु हथियार बनाने के दावों को खारिज किया है और कहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह से शांतिपूर्ण कामों के लिए है.
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