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इजरायल ने दावा किया है कि उसने ईरान के ज्यादातर ड्रोन एवं मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया. साथ ही एक रिपोर्ट में ये बात भी सामने आई है कि बढ़ते युद्ध के कारण इजरायल की इंटरसेप्टर मिसाइलों की संख्या में तेजी से कमी आ रही है.
इजरायल और ईरान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है. लगातार दोनों देशों की तरफ से हमले हो रहे हैं. इस हमले में अबतक कई लोगों की जान जा चुकी है. इजरायल का दावा है कि उसने ईरान के ज्यादातर ड्रोन एवं मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया है, लेकिन यह भी रिपोर्ट आई है कि दुश्मन के हथियारों को काफी दूर मार गिराने वालीं इजरायल की इंटरसेप्टर मिसाइलों की संख्या में तेजी से कमी आ रही है. वॉल स्ट्रीट जरनल ने इंटेलिजेंस पर नजर रखने वाले एक अमेरिका अधिकारी के हवाले से यह दावा किया है.
वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार, जिसमें एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी का हवाला दिया गया है, इजरायल के पास एरो मिसाइल इंटरसेप्टर का स्टॉक खतरनाक रूप से कम हो रहा है. यह चेतावनी ऐसे समय में आई है, जब इजरायल को ईरान और दोनों देशों के बीच पूर्ण संघर्ष के छठे दिन भी अभूतपूर्व मात्रा में बैलिस्टिक मिसाइल हमलों का सामना करना पड़ रहा है. इजरायल डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) ने किसी कमी की पुष्टि नहीं की है और कहा है कि इसकी वायु रक्षा प्रणाली ज्यादातर आने वाली मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोक रही है. सेना ने एक बयान में कहा, "आईडीएफ तैयार है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है. दुर्भाग्य से, हम गोला-बारूद से संबंधित मामलों पर टिप्पणी करने में असमर्थ हैं."
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हालांकि, अमेरिकी रिपोर्ट बताती है कि अमेरिका को इस समस्या के बारे में महीनों से पता है और उसने चुपचाप अतिरिक्त जमीनी, समुद्री और हवाई-आधारित प्रणालियों के साथ इजरायल की सुरक्षा को मजबूत किया है. पेंटागन ने पैट्रियट और THAAD मिसाइल रक्षा प्रणालियों सहित कई उपकरण तैनात किए हैं, जबकि अमेरिकी नौसेना के विध्वंसक अवरोधन अभियानों में सहायता कर रहे हैं.
इजरायल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज द्वारा विकसित इजरायल की अपनी एरो प्रणाली, लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. लेकिन हाल के दिनों में ईरान द्वारा सैकड़ों मिसाइलें दागे जाने से, जिनमें उन्नत फतह-1 भी शामिल है, जिसके बारे में तेहरान का कहना है कि वह वर्तमान रक्षा प्रणालियों से बच सकती है, इजरायल के एरो मिसाइल भंडार पर दबाव बढ़ रहा है.
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