दुनिया
अमेरिका के 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' के बाद ईरान ने अपनी अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए 'आर्थिक युद्ध टास्क फोर्स' का गठन किया है. जानिए क्या है ईरान का यह नया कदम.
Iran Economic War Task Force: अमेरिका और ईरान के बीच जारी आर्थिक और रणनीतिक खींचतान ने अब एक बिल्कुल नया मोड़ ले लिया है. हाल ही में अमेरिका ने ईरान की अर्थव्यवस्था को कमजोर करने और उसे वैश्विक स्तर पर पूरी तरह अलग-थलग करने के लिए 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' का ऐलान किया था.
इसका सीधा मकसद ईरान की आर्थिक रीढ़ को तगड़ा झटका देना है. लेकिन तेहरान भी हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठा है. अमेरिकी प्रतिबंधों और बढ़ते आर्थिक दबाव का मुकाबला करने के लिए ईरान ने भी अपनी एक विशेष 'इकोनॉमिक वॉर टास्क फोर्स' यानी आर्थिक युद्ध टास्क फोर्स बनाने की घोषणा कर दी है.
ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी 'तस्नीम' द्वारा रविवार को प्रकाशित की गई एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान सरकार ने देश के सामने खड़े मौजूदा संघर्षों से पैदा हुई गंभीर आर्थिक समस्याओं को हल करने के लिए इस 'आर्थिक युद्ध टास्क फोर्स' को शुरू किया है.
यह पूरा मामला इसलिए चर्चा में आया है क्योंकि ईरान कई दशकों से कड़े अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का सामना कर रहा है, जिससे उसकी अर्थव्यवस्था पहले से ही भारी दबाव में है. इसके ऊपर से वर्तमान में जारी संघर्ष और युद्ध जैसे हालात ने देश की कंपनियों, निजी व्यापार, फाइनेंसिंग और अन्य महत्वपूर्ण आर्थिक क्षेत्रों के सामने असाधारण चुनौतियां खड़ी कर दी हैं.
अमेरिका ने भी इस हफ्ते की शुरुआत में ईरान को वैश्विक स्तर पर पूरी तरह अकेला करने के इरादे से कई नए और अतिरिक्त प्रतिबंध थोप दिए हैं. ऐसे में अपनी वित्तीय प्रणालियों को पूरी तरह टूटने से बचाने के लिए ईरान ने अपनी रणनीति बदलते हुए सीधे तौर पर आर्थिक मोर्चे पर युद्ध स्तर पर काम करने का फैसला किया है.
ईरान के उप-वित्त मंत्री मोर्तेजा जमानियन के अनुसार, इस टास्क फोर्स का मुख्य काम युद्ध के कारण आर्थिक क्षेत्रों में पैदा होने वाली रुकावटों और समस्याओं की केंद्रीय स्तर पर पहचान करना और उनके व्यावहारिक समाधान खोजना है.
उन्होंने बताया कि अक्सर अलग-अलग सरकारी विभागों में समन्वय की कमी के कारण फाइलें दबी रह जाती हैं. जमानियन ने स्पष्ट किया है कि इस टास्क फोर्स का एक बड़ा मकसद यह सुनिश्चित करना है कि जब किसी आर्थिक समस्या के समाधान के लिए देश की कई अलग-अलग एजेंसियों को मिलकर काम करने की जरूरत हो, तो उनके बीच जरूरी तालमेल बना रहे. इससे कोई भी महत्वपूर्ण मामला अफसरशाही के पेंच में फंसकर न अटके और उस पर तेजी से कार्रवाई हो सके.
शुरुआत में इस टास्क फोर्स का पूरा ध्यान मुख्य रूप से वित्त मंत्रालय के अपने अधिकार क्षेत्र और जिम्मेदारियों वाले सेक्टर्स पर केंद्रित रहेगा. इसके तहत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि युद्ध के चलते कंपनियों, निजी व्यापार, देश के फाइनेंस और अन्य महत्वपूर्ण आर्थिक क्षेत्रों को जिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, उन्हें मंत्रालय अपने दायरे में रहकर तुरंत सुलझाए.
ईरान की इस रणनीति में हर स्तर पर काम करने की योजना बनाई गई है. उप-वित्त मंत्री मोर्तेजा जमानियन ने बताया कि कुछ ऐसे जटिल आर्थिक मुद्दे भी सामने आते हैं जो सीधे तौर पर वित्त मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र से बाहर होते हैं.ऐसे मामलों से निपटने के लिए मंत्रालय देश की व्यापक आर्थिक नीति बनाने में अपनी ताकत और भूमिका का पूरा इस्तेमाल करेगा.
इसके तहत मंत्रालय सरकार के 'आर्थिक आयोग' और 'आर्थिक मुख्यालय' के साथ मिलकर काम करेगा. इसका मुख्य उद्देश्य अलग-अलग सरकारी एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बिठाना और महत्वपूर्ण आर्थिक मुद्दों को बिना किसी देरी के सरकार के सबसे ऊंचे और शीर्ष स्तर तक पहुंचाना है ताकि उन पर तुरंंत और ठोस फैसले लिए जा सकें.