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क्या होता है क्लस्टर बम जिससे इज़राइल में तबाही मचा रहा ईरान? लड़ाई का आठवां दिन, 3 बड़े अपडेट्स

ईरान और इजराइल की लड़ाई का आज आठवां दिन है. हर बीतते दिन के साथ दोनों देशों के बीच की लड़ाई और घातक होती जा रही है. ईरान ने इज़राइल पर हमला करने के लिए क्लस्टर बम दागने शुरू कर दिए हैं. इस बीच अमेरिका ने कहा है कि डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर हमले को लेकर 15 दिन में फैसला करेंगे.

क्या होता है क्लस्टर बम जिससे इज़राइल में तबाही मचा रहा ईरान? लड़ाई का आठवां दिन, 3 बड़े अपडेट्स
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Iran-Israel Conflict: ईरान और इज़राइल के बीच लगातार आठ दिन से हवाई हमले जारी हैं. हर बीतते दिन के साथ दोनों देश और ज्यादा ताकत से वार कर रहे हैं. इजराइल ईरान के सुप्रीम लीडर अयातोल्लाह खामनेई को खत्म करने की चेतावनी दे रहा है, वहीं ईरान ने अब घातक क्लस्टर बम से इजराइल के एक अस्पताल पर हमला कर दिया है.

क्या होता है क्लस्टर बम?

आसान भाषा में कहें तो क्लस्टर बम एक ऐसा बम होता है जिसके अंदर कई छोटे-बड़े बम होते हैं. जैसे ही बम फेंका जाता है, वह फटता है तो उसके अंदर मौजूद सैकड़ों बम बाहर निकल आते हैं. चूंकि ये बम हवा में फटता है तो उसके अंदर मौजूद बम एक बड़े इलाके में फैल जाते हैं और वहां फटने लगते हैं. इस तरह के एक क्लस्टर बम से एक बड़े इलाके को नुकसान पहुंचाया जा सकता है. इस क्लस्टर में कई बार ऐसे बम भी शामिल होते हैं जो तुरंत नहीं फटते और बाद में प्रेशर या किसी ट्रिगर से फटकर आम नागरिकों को नुकसान पहुंचाते हैं. 


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ईरान पर हमले को लेकर दो हफ्ते में फैसला करेंगे डोनाल्ड ट्रंप

ईरान और इज़राइल के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद इजराइल ने दावा किया था कि अमेरिका उसके साथ है. वहीं ईरान ने भी दावा किया था कि अमेरिका की मदद से इजराइल उस पर हमला कर रहा है. हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप ने साफ किया था कि अमेरिका का ईरान-इजराइल की लड़ाई से कोई लेना देना नहीं है. डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी भी दी थी. इस बीच, ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर अमेरिका और ईरान की बैठक होनी थी, जिसे ईरान ने कैंसल कर दिया. अमेरिका पूरी कोशिश में था कि ईरान न्यूक्लियर डील पर साइन कर दे. अब व्हाइट हाउस ने कहा है कि डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर हमले को लेकर दो हफ्ते में अपना रुख साफ करेंगे.

Iran-Israel से इवैक्युएशन जारी

ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए तमाम देशों ने अपने नागरिकों का रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है. भारत ने ईरान से 110 भारतीय छात्रों और नागरिकों को रेस्क्यू किया है. वहीं, इज़राइल में भी इसी तरह का रेस्क्यू चलाने की तैयारी भारत कर रहा है. जापान ने भी जानकारी दी है कि उसने ईरान और इज़राइल से अपने 90 नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है. ऑस्ट्रेलिया ने भी तेहरान में अपने एम्बेसी के काम पर रोक लगा दी है और अपने अधिकारियों को जल्द से जल्द लौटने के निर्देश दिए हैं.
 

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