Advertisement

DGCA ने वीकली ऑफ का फैसला वापस लिया, वीकली ऑफ की जगह लीव नहीं लगा सकते | इंडिगो संकट के बाद फैसला वापस लिया, पायलट के रेस्ट के घंटे पहले की तरह रहेंगे | पीएम मोदी के साथ बातचीत के बाद पुतिन ने साफ किया, भारत को बिना रोक-टोक के तेल देंगे | द्विपक्षीय बैठक के बाद राष्ट्रपति पुतिन का बयान- सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर बात हुई, भारत को फ्यूल की सप्लाई जारी रहेगी, रूस भारतीय सेना के आधुनिकीकरण में भी सहयोग देगा | पुतिन के साथ बातचीत के बाद पीएम मोदी का बयान- भारत-रूस में कई दशक से ऐतिहासिक संबंध, आर्थिक मजबूती दोनों देशों का लक्ष्य, आतंक के खिलाफ लड़ाई में दोनों देश साथ | इंडिगो संकट पर सरकार गंभीर, नागर विमानन मंत्रालय ने मॉनिटरिंग के लिए अलग कंट्रोल रूम बनाया, एयरलाइंस की रियल टाइम अपडेट, किरायों पर निगरानी

US: अमेरिकी संसद में सनातन धर्म की गूंज, सांसदों ने भगवद गीता के नाम की ली शपथ

अमेरिकी संसद के नवनिर्वाचित सांसदों को शपथ दिलाई गई, जिसमें 6 भारतीय-अमेरिकी नेताओं ने भी भाग लिया. सुहाष सुब्रमण्यम ने भगवत गीता पर शपथ लेकर सनातन धर्म की झलक पेश की. उन्होंने गीता के श्लोकों का पाठ कर हिंदू आस्था का संदेश फैलाया.

Latest News
US: अमेरिकी संसद में सनातन धर्म की गूंज, सांसदों ने भगवद गीता के नाम की ली शपथ
Add DNA as a Preferred Source

अमेरिका के नवनिर्वाचित सांसदों के शपथ ग्रहण समारोह में भारतीय-अमेरिकी नेता सुहाष सुब्रमण्यम ने अपनी आस्था का परिचय देते हुए भगवत गीता पर शपथ ली. इस मौके पर उन्होंने गीता का एक श्लोक भी पढ़ा, जिसमें परमेश्वर पर निर्भर रहने और अपने कर्मों को समर्पित करने का संदेश दिया गया. उन्होंने कहा, 'हर परिस्थिति में भगवान पर भरोसा रखें और अहंकार से बचें. यह मार्ग जीवन की बाधाओं को पार करने में मदद करेगा.'

पहली हिंदू अमेरिकी परंपरा को निभाया कायम
सुब्रमण्यम की मां डलेस ने इस मौके पर अपने बेटे पर गर्व जताया. उन्होंने कहा कि सुब्रमण्यम ने अमेरिकी संसद में पहली हिंदू अमेरिकी सांसद तुलसी गबार्ड की परंपरा को जारी रखा है. तुलसी ने 2013 में पहली बार भगवत गीता पर शपथ ली थी.

हिंदू आस्था का संदेश फैलाने का संकल्प
सुब्रमण्यम ने अपने भाषण में कहा, 'यह गर्व की बात है कि अब हमारे पास अमेरिकी संसद में अपनी पहचान स्थापित करने का अवसर है. मैं रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों के साथ मिलकर हिंदू आस्था के सुंदर आशीर्वाद को साझा करूंगा.' उन्होंने आगे कहा कि इस एकजुटता से अमेरिका आने वाली चुनौतियों का बेहतर सामना कर सकेगा.


ये भी पढ़ें: कौन हैं अनीता आनंद, जो बन सकती हैं कनाडा की अगली PM, क्या अब बेहतर होंगे दोनों देशों के संबंध?


भारतीय-अमेरिकी सांसदों का बढ़ता प्रभाव
दरअसल, सुहाष सुब्रमण्यम पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के व्हाइट हाउस में सलाहकार के रूप में काम कर चुके हैं. उनकी अमेरिकी संसद में एंट्री के साथ ही भारतीय-अमेरिकी सांसदों के ग्रुप ‘समोसा कॉकस’ की संख्या बढ़कर 6 हो गई है. यह ग्रुप भारतीय मूल के नेताओं की एकजुटता और पहचान को दर्शाता है. सुहाष सुब्रमण्यम का शपथ ग्रहण समारोह न केवल भारतीय मूल के लोगों के लिए गर्व का क्षण है, बल्कि यह अमेरिकी संसद में हिंदू धर्म और भारतीय संस्कृति की बढ़ती मौजूदगी का प्रतीक भी है.

खबर की और जानकारी के लिए डाउनलोड करें DNA App, अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए जुड़ें  हमारे गूगलफेसबुकxइंस्टाग्रामयूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement