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India-UK Trade Deal: भारत और यूके के बीच Free Trade Agreement हो गया है. इस अग्रीमेंट के लागू होने के बाद भारत में कई चीज़ें सस्ती हो जाएंगी. इनमें चॉकलेट, स्कॉच व्हिस्की और कार तक शामिल हैं.
India-UK Trade Deal: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रिटेन दौरे पर हैं. पीएम मोदी ने ब्रिटेन की सरकार के साथ फ्री ट्रेड अग्रीमेंट किया है. इस अग्रीमेंट के बाद पीएम मोदी ने उम्मीद जताई कि भारत और ब्रिटेन के बीच हुए समझौते से दोनों देश समृद्ध होंगे और अलग-अलग सेक्टर्स को इस डील का फायदा मिलेगा. बीते तीन साल से इस ट्रेड डील पर दोनों देशों के बीच चर्चा चल रही थी. उम्मीद है कि इस ट्रेड डील के बाद दोनों देशों के बीच सालाना 34 मिलियन डॉलर का व्यापार होगा.
पीएम मोदी ने कहा, "यह समझौता मात्र आर्थिक साझेदारी नहीं, बल्कि साझा समृद्धि की योजना है. एक ओर, भारतीय टेक्सटाइल्स, फुटवियर, Gems एण्ड ज्वेलरी, Seafood और इंजीनियरिंग Goods को UK में बेहतर Market Access मिलेगा. भारत के ऐग्रिकल्चर produce और प्रोसेस्ड फूड industry के लिए UK मार्किट में नए अवसर बनेंगे. भारत के युवाओं, किसानों, मछुआरों, और MSME Sector के लिए यह समझौता विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध होगा. वहीं दूसरी ओर, भारत के लोगों और इंडस्ट्री के लिए UK में बने Products - जैसे मेडिकल डिवाइसेज़ और aerospace parts सुलभ और किफायती दरों पर उपलब्ध हो सकेंगे."
FTA के लागू होने के बाद भारत में ब्रिटेन से आने वाली इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर टैरिफ 110 प्रतिशत से घटकर 10 प्रतिशत हो जाएगा. ब्रिटेन से इम्पोर्ट होने वाले चॉकलेट, बिस्किट, सैलमन, लैम्ब मीट, कार, मेकअप के सामानों पर लगने वाला टैरिफ 150 प्रतिशत से घटकर 75 प्रतिशत हो जाएगा. ब्रिटेन से आने वाली व्हिस्की और स्कॉच पर भी टैरिफ 150 प्रतिशत से 75 प्रतिशत हो जाएगा और अगले 10 साल में ये टैरिफ घटकर 40 प्रतिशत रह जाएगा. टैरिफ में कटौती का सीधा असर इन प्रोडक्ट्स की कीमत पर पड़ेगा. कीमतें कम होने से ये चीज़ें ज्यादा लोगों के लिए अफोर्डेबल होंगी और इनकी मांग बढ़ेगी.
इसके साथ ही भारतीयों के लिए यूके में रहना आसान होगा. यूके के 35 सेक्टर्स में भारतीय 2 साल के लिए काम कर पाएंगे. इसके लिए यूके में उनका ऑफिस होना ज़रूरी नहीं है. इसका फायदा हर साल 60 हजार से ज्यादा IT प्रोफेशनल्स को होगा. ब्रिटेन के 36 सर्विस सेक्टरों में भारतीय बतौर फ्रीलांसर काम कर पाएंगे. भारतीयों को तीन साल तक ब्रिटेन के सोशल सिक्योरिटी पेमेंट से राहत मिलेगी.
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दूसरी तरफ ब्रिटेन की कंपनियों को भारत के नॉन-सेंसिटिव सरकारी टेंडर में हिस्सा लेने का मौका मिलेगा. वो 200 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत के टेंडर्स के लिए आवेदन कर पाएंगे, इस तरह ब्रिटेन की कंपनियां हर साल करीब 40 हजार टेंडर्स में आवेदन कर पाएंगे. इस ट्रेड अग्रीमेंट के बाद ब्रिटेन में जॉब क्रिएशन आसान होगा. वहीं, ब्रिटेन की जनता को कम कीमत में भारतीय सामान मिलेगा.
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