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भारत के दुश्मनों का सुरक्षित पनाहगाह बना 'कब्रगाह', कनाडा-पाकिस्तान में इन आतंकियों का हुआ खात्मा

कनाडा और पाकिस्तान में अज्ञात हमलावरों द्वारा आतंकियों की हत्या ने आतंकी संगठनों के बीच खलबली मचा दी है.

भारत के दुश्मनों का सुरक्षित पनाहगाह बना 'कब्रगाह', कनाडा-पाकिस्तान में इन आतंकियों का हुआ खात्मा

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डीएनए हिंदी: भारत में हमला करने वाले आतंकी जिन देशों में छिपकर खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे थे, वहीं अब उनकी हत्याएं हो रही हैं. कनाडा और पाकिस्तान में अज्ञात हमलावरों द्वारा आतंकियों की हत्या ने आतंकी संगठनों के बीच खलबली मचा दी है. कनाडा और पाकिस्तान में अब तक मारे गए आतंकवादियों में लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख हाफिज सईद के डिप्टी और जमात-उद-दावा नेता अब्दुल सलाम भुट्टवी, कनाडा स्थित प्रतिबंधित खालिस्तान टाइगर फोर्स (केटीएफ) के प्रमुख हरदीप सिंह निज्जर, जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर का गुर्गा शाहिद लतीफ और उसका भाई हारिस हाशिम शामिल हैं.

हालांकि, सरकार इन वांछित आतंकवादियों के लिए संघर्ष कर रही थी, लेकिन इन लोगों की हत्या के बाद पाकिस्तान और कनाडा ने भारत सरकार पर आरोप लगाए. ताजा विवाद तब हुआ जब कनाडा में एक गुरुद्वारे के बाहर दो नकाबपोश हमलावरों ने खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या कर दी. निज्जर की हत्या के बाद भारत और कनाडा के बीच बड़े पैमाने पर राजनयिक विवाद पैदा हो गया. इस बीच ब्रिटेन में एक और खालिस्तानी आतंकी अवतार सिंह खांडा की मौत हो गई.

इसी तरह भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल एक और आतंकवादी दाऊद मलिक जिसे वांछित आतंकवादी मौलाना मसूद अजहर का करीबी सहयोगी माना जाता है. इसी साल अक्टूबर में कुछ अज्ञात हमलावरों ने पाकिस्तान की धरती पर गोली मारकर हत्या कर दी. मलिक पर पाकिस्तान के उत्तरी वजीरिस्तान में हमला हुआ था. मलिक लश्कर-ए-जब्बार का संस्थापक था और भारत के सबसे वांछित आतंकवादियों में से एक अज़हर का करीबी सहयोगी भी था.

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वहीं, पाकिस्तान में उत्तरी वजीरिस्तान के मिराली इलाके में नकाबपोश बंदूकधारियों की गोलीबारी में मलिक की मौत हो गई. मलिक को गोली मारने के बाद नकाबपोश बंदूकधारी मौके से भाग गए थे. मलिक को गोली मारने की ताज़ा घटना पाकिस्तान में सक्रिय आतंकवादी संगठनों के बीच युद्ध के सवाल उठाती है. पिछले कुछ हफ्तों में भारत में वांछित कई आतंकवादियों को पाकिस्तान में अज्ञात बंदूकधारियों ने मार गिराया है. 11 अक्टूबर को भारत के सर्वाधिक वांछित आतंकवादियों में से एक और 2016 के पठानकोट आतंकी हमले के मामले में एक प्रमुख साजिशकर्ता शाहिद लतीफ की पाकिस्तान के सियालकोट में अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी.

जेल में मिली हाफिज सईद के भाई की लाश
1 अक्टूबर को लश्कर-ए-तैयबा के पूर्व सदस्य और 26/11 हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के करीबी सहयोगी मुफ्ती कैसर फारूक भी पाकिस्तान में मारा गया. यह घटना लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े एक अन्य मौलवी मौलाना जियाउर्रहमान की हत्या से काफी मिलती-जुलती है. जून 2021 में पूर्वी पाकिस्तानी शहर लाहौर में भी एक आत्मघाती हमलावर ने लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख हाफिज सईद के घर के ठीक बाहर एक पुलिस चौकी में अपनी कार घुसा दी, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई. 26/11 2008 के मुंबई आतंकी हमले का मास्टरमाइंड सईद घटना के समय अपने घर पर नहीं था.

हालांकि, उसका भाई भुट्टवी जिसने 26/11 के लिए आतंकवादियों को प्रशिक्षित किया था. इस साल मई में पाकिस्तान में अपनी जेल की कोठरी के अंदर मृत पाया गया था. अधिकारियों ने दावा किया कि उसकी मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई. इसी तरह इसी साल मई में भारत के वांछित खालिस्तानी आतंकवादी परमजीत सिंह पंजवार की पाकिस्तान के लाहौर में गोली मारकर हत्या कर दी गई.

पंजवार प्रतिबंधित खालिस्तान कमांडो फोर्स-पंजवार समूह का नेतृत्व कर रहा था और नशीली दवाओं, हथियारों की तस्करी और अन्य गतिविधियों में शामिल था. जब उसे जुलाई 2020 में यूएपीए अधिनियम के तहत भारत द्वारा आतंकवादी के रूप में नामित किया गया था. यहां तक कि इंडियन एयरलाइंस की उड़ान आईसी-814 के अपहर्ताओं में से एक मिस्त्री जहूर इब्राहिम की 1 मार्च को पाकिस्तान के कराची में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इब्राहिम को कराची अकबर में एक फर्नीचर स्टोर के अंदर दो अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी थी. (इनपुट- आईएएनएस)

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