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भारत और चीन LAC पर Border Patrolling के लिए हुए सहमत, विदेश मंत्रालय ने जारी किया बयान

भारत और चीन के बीच LAC पर पेट्रोलिंग को लेकर नई सहमति बन गई है. विदेश मंत्रालय ने सोमवार को इसकी जानकारी बयान जारी कर दी.

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भारत और चीन LAC पर Border Patrolling के लिए हुए सहमत, विदेश मंत्रालय ने जारी किया बयान
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भारत और चीन एलएसी पर सीमा गश्त पर सहमत बन गई है. विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने इसकी जानकारी सोमवार को एक बयान जारी करके दी. चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय वार्ता के सवाल पर विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि पिछले कई हफ्तों से भारत और चीन के बीच राजनयिक और सैन्य वार्ता जारी है. उन्होंने बताया कि चीन के साथ LAC के मुद्दों पर हमारा समझौता हुआ है. 

मिस्री ने कहा, 'पिछले कई हफ्तों में हुई चर्चाओं के परिणामस्वरूप भारत-चीन सीमा क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर गश्त को लेकर एक समझौता हुआ है और इससे सैनिकों की वापसी हो रही है और अंततः 2020 में इन क्षेत्रों में पैदा हुए मुद्दों का समाधान हो रहा है.'

विदेश सचिव ने कहा कि सीमा पर शेष मुद्दों को सुलझाने के लिए भारतीय और चीनी वार्ताकार पिछले कुछ हफ्तों से संपर्क में हैं. कथित तौर पर यह समझौता देपसांग और डेमचोक क्षेत्रों में गश्त व्यवस्था से संबंधित है. यह महत्वपूर्ण घटनाक्रम 22-23 अक्टूबर को होने वाले 16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रूस यात्रा से ठीक पहले सामने आया है. पूर्वी लद्दाख सीमा पर 2020 में हुई झड़प के बाद से दोनों पड़ोसियों के बीच संबंध तनावपूर्ण हैं, जिसके परिणामस्वरूप 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए और अज्ञात संख्या में चीनी सैनिक भी मारे गए.

क्या मोदी-शी जिनपिंग ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में बैठक करेंगे?
हालांकि, अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन अटकलें लगाई जा रही हैं कि प्रधानमंत्री मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग शिखर सम्मेलन के दौरान द्विपक्षीय बैठक कर सकते हैं. कज़ान में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन, जिसका विषय 'न्यायसंगत वैश्विक विकास और सुरक्षा के लिए बहुपक्षवाद को मजबूत करना' है, नेताओं को प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक मंच प्रदान करेगा. विदेश मंत्रालय के अनुसार, शिखर सम्मेलन ब्रिक्स पहलों पर प्रगति की समीक्षा करने और सहयोग के लिए नए क्षेत्रों की खोज करने का अवसर प्रदान करता है.


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इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी रूस के कज़ान में ब्रिक्स देशों के नेताओं और अन्य आमंत्रित प्रतिभागियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे. मूल रूप से ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका से मिलकर बने इस समूह में अब ईरान, मिस्र, इथियोपिया और संयुक्त अरब अमीरात को भी शामिल कर लिया गया है.

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