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ईरान और इज़राइल के बीच जारी लड़ाई के बीच ईरान के सुप्रीम लीडर अयातोल्लाह अली खामनेई ने अपने उत्तराधिकारी के तौर पर तीन लोगों के नाम तय किए हैं. खामनेई के मारे जाने पर उन तीनों में से किसी एक को ईरान का सुप्रीम लीडर बनाया जाएगा.
ईरान और इज़राइल के बीच जंग दिन पर दिन खतरनाक होता जा रहा है. इज़राइल के रक्षा मंत्री ने हाल ही में बयान दिया था कि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातोल्लाह खामनेई को जीवित रहने नहीं दिया जा सकता है. वहीं, कुछ दिन पहले अमेरिका ने भी दावा किया था कि इज़राइल के पास अयातोल्लाह खामनेई को एलिमिनेट करने का पूरा प्लान था, लेकिन ट्रंप ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया था. अब अयातोल्लाह खामनेई ने तीन वरिष्ठ मौलवियों को अपने उत्तराधिकारी के रूप में चुना है. उनके मारे जाने पर उन तीन में से किसी को भी ईरान का सुप्रीम लीडर बनाया जा सकता है.
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, खामनेई फिलहाल एक बंकर में रह रहे हैं. उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि उनके आसपास के सारे इलेक्ट्रॉनिक कम्युनिकेशन बंद कर दें ताकि उन्हें ढूंढ पाना मुश्किल हो.
रिपोर्ट के मुताबिक, जिन तीन लोगों का नाम खामनेई ने अपने उत्तराधिकारी के तौर पर चुना है उनमें उनके बेटे मोज्तबा का नाम नहीं है. मोज्तबा खुद भी एक मौलवी हैं और इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स के काम को करीब से जानते हैं. माना जा रहा था कि वो उत्तराधिकारी के तौर पर पिता कि पहली पसंद होंगे.
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ईरान में सुप्रीम लीडर की ताकत राष्ट्रपति, संसद और न्यायपालिका सबसे ऊपर होती है. सुप्रीम लीडर की चुनाव प्रक्रिया सीधी नहीं होती है, न ही इसमें वंशावली चलती है. ईरान के सुप्रीम लीडर का चुनाव एसेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स यानी मजलिस-ए जोब्रेगन-ए रहबारी द्वारा किया जाता है. इस एसेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स में 88 सीनियर धर्मगुरु शामिल होते हैं. इन्हें जनता वोटिंग से चुनती है. एसेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स सुप्रीम लीडर के निधन होने पर उनके द्वारा चुने गए उत्तराधिकारियों में से किसी एक को सुप्रीम लीडर के तौर पर चुनता है. अयोतोल्लाह अली खामनेई ईरान के दूसरे सुप्रीम लीडर हैं, उन्हें रूहोल्लाह खुमैनी के निधन के बाद 1989 में इसी प्रक्रिया से चुना गया था. खुमैनी साल 1979 में ईरानी क्रांति के बाद देश के पहले सुप्रीम लीडर बने थे. 1979 से पहले ईरान में राजशाही चलती थी. शाह का पद ईरान का सर्वोच्च पद माना जाता था. मोहम्मद रेज़ा पहलवी ईरान के आखिरी शाह थे.
इजराइली अस्पताल पर ईरान के हमले के बाद इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल कार्ट्स ने कहा, 'ईरान का तानाशाह सुरक्षित बंकरों में छिपकर इज़राइल में अस्पतालों और रेसिडेंशियल इमारतों पर मिसाइल दाग रहा है. ये सबसे गंभीर युद्ध अपराध हैं. खामनेई को अपने अपराध की सज़ा भुगतनी होगी. मैंने और प्रधानमंत्री ने IDF से कहा है कि वो ईरान में रणनीतिक टारगेट पर हमले तेज़ करे.'
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