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सैक्सोनी अनहॉल्ट के राज्य संविधान संरक्षण कार्यालय ने साल 2023 में प्रदेश की एएफडी विंग को 'सिद्ध किया हुआ दक्षिण चरमपंथी' घोषित किया था. इसके अनुसार एडीएफ मुसलमानों और प्रवासी मूल के लोगों को कमतर बताता है, उसकी विचारधारा इस्लामोफोबिक, एंटी इमीग्रेंट और रेसिस्ट है.
जर्मनी के सैक्सोोनी अनहॉल्ट राज्य के विधानसभा चुनावों में धुर दक्षिणपंथी पार्टी ऑल्टरनेटिव फॉर जर्मनी यानी AfD ने सबसे ज्यादा 39 सीटें जीतकर इतिहास रच दिया है. हालांकि, बहुमत के आंकड़े 42 से वह अभी भी तीन सीटें दूर हैं. रविवार (6 सितंबर, 2026) को चुनावी नतीजे घोषित होने के साथ ही जर्मनी की राजनीति में बुरी तरह हलचल मच गई क्योंकि दूसरे विश्व युद्ध के बाद कोई फार-राइट यानी धुर दक्षिणपंथी पार्टी सरकार बना सकती है. एएफडी की पहचान एक कट्टरपंथ राजनीतिक पार्टी की है.
सैक्सोनी अनहॉल्ट के राज्य संविधान संरक्षण कार्यालय ने साल 2023 में प्रदेश की एएफडी विंग को 'सिद्ध किया हुआ दक्षिण चरमपंथी' घोषित किया था. इसके अनुसार, 'एडीएफ मुसलमानों और प्रवासी मूल के लोगों को कमतर बताता है, उसकी विचारधारा इस्लामोफोबिक, एंटी इमीग्रेंट और रेसिस्ट है. पार्टी का मानना है कि सिर्फ नागरिकता मिल जाने से कोई जर्मन नहीं हो जाता क्योंकि उसका मानना है कि जर्मन होना एक जातीय पहचान है और वह वाइट क्रिश्चन वैल्यू में यकीन करती है.'
अगर एएफडी सैक्सोनी-अनहॉल्ट में सरकार बनाती है तो दूसरे विश्व युद्ध के बाद जर्मनी में उलरिश जीगमुंड पहले फार राइट यानी धुर दक्षिणपंथी नेता होंगे जो किसी राज्य के प्रीमियर भारत के हिसाब से समझें तो मुख्यमंत्री बनेंगे. सैक्सोनी अनहॉल्ट में वह पार्टी का मुख्य चेहरा और प्रीमियर पद के उम्मीदवार हैं. 25 अक्टूबर, 1990 को उनका जन्म सैक्सोनी-अनहॉल्ट में ही हुआ था. टिकटॉक पर उनकी काफी फैन फोलॉइंग है और युवाओं में काफी पॉपुलर भी हैं. साल 2013 में उन्होंने क्रिश्चन डेमोक्रेटिक यूनियन ऑफ जर्मनी (CDU) जॉइन की और 2014 में एडीएफ बनने के बाद वह इसमें आ गए. 2016 में उन्होंने सैक्सोनी-अनहॉल्ट में पहली बार विधानसभा चुनाव जीता था, फिर 2022 में पार्टी के संसदीय समूह के सहनेता भी बनाए गए.
उलरिश का नाम एक कुख्यात प्रकरण में भी आ चुका है. बर्लिन के पास ब्रेंडनबर्ग राज्य की राजधानी पोट्सडेम में 25 नवंबर, 2023 को एक सीक्रेट मीटिंग हुई थी, जिसमें जर्मनी में रह रहे अवैध प्रवासियों और विदेश मूल के जर्मन नागरिकों को देश से बाहर करने के लिए एक योजना को लेकर चर्चा हुई थी. इस बैठक में उलरिश समेत एएफडी के भी कुछ लोग शामिल हुए थे. इसके अलावा, उलरिश के सलाहकार और उनसे जुड़े लोग नव नाजी मुहिमों में सक्रिय रहते हैं और उलरिश भी उनसे दूरी नहीं बनाते हैं. नव नाजीवाद की विचारधारा नफरत और नस्लवाद पर आधारित एक धुर दक्षिणपंथी राजनीतिक सिद्धांत है, जिसका ताल्लुक 20वीं सदी के एडॉल्फ हिटलर और नाजी पार्टी से है.
जर्मनी की राजनीति में उलरिश को एएफडी की ही तरह बहुत संदेह से देखा जाता है. उनके बारे में कहा जाता है कि वह मीठा बोलते हैं, पॉलिश्ड नजर आते हैं, लेकिन विचारधारा बहुत कट्टरपंथी है. उलरिश के विचार क्या हैं-
ताजा चुनावी आंकड़े एएफडी की जर्मनी में मजबूत लोकप्रियता को दर्शाते हैं और निकट भविष्य में इसमें कमी आने की उम्मीद भी नहीं दिखती. चुनावी रुझान और राजनीतिक डेटा बताने वाली यूरोपीयन एजेंसी PolitPro के ताजा ट्रेंड्स के अनुसार देश में सबसे मजबूत पार्टी एएफडी है. तीन साल बाद जर्मनी में आम चुनाव होने हैं और इसी साल 20 सितंबर को ही बर्लिन में भी विधानसभा चुनाव होने हैं. इसे लेकर PolitPro ने ट्रेंड्स शेयर किए हैं. आम चुनावों के लिए ट्रेंड्स में लिस्ट में एएफडी सबसे ऊपर है. वहीं, बर्लिन की लिस्ट में भले ही एएफडी तीसरे नंबर पर नजर आ रही है, लेकिन उसे 17.9 प्रतिशत वोट मिलने की उम्मीद है, जबकि पिछले चुनाव में उसे यहां सिर्फ 8 प्रतिशत वोट मिले थे.
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