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उत्तर-पश्चिमी फ्रांस में 186 यात्रियों को ले जा रही एक पैसेंजर ट्रेन के दुर्घटनाग्रस्त होने से 44 लोग घायल हो गए हैं. आपातकालीन टीमों ने मौके पर राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया है.
France Train Derailment Rouen Caen: उत्तर-पश्चिमी फ्रांस में शुक्रवार शाम एक बड़ा रेल हादसा हो गया, जब 186 यात्रियों को लेकर जा रही एक पैसेंजर ट्रेन पटरी से उतर गई. इस दुर्घटना में कम से कम 44 लोग घायल हो गए हैं, जिनमें से एक 18 वर्षीय युवती की हालत अत्यंत गंभीर बताई जा रही है.
फ्रांस के परिवहन मंत्री फिलिप तबारोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि यह हादसा शाम करीब 7:45 बजे उस समय हुआ जब ट्रेन नॉर्मंडी के दो प्रमुख शहरों रूएन और केन के बीच यात्रा कर रही थी.
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन ने तुरंत सामूहिक दुर्घटना राहत योजना को सक्रिय कर दिया. घटनास्थल पर तुरंत 130 अग्निशामकों, 5 विशेष चिकित्सा टीमों और 80 आपातकालीन वाहनों को तैनात किया गया. रूएन के अभियोजक सेबस्टियन गैलोइस ने बताया कि दुर्घटना में घायल 18 वर्षीय युवती की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे हेलीकॉप्टर की मदद से तुरंत रूएन यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है.
ट्रेन में सवार 24 वर्षीय यात्री लुई ने स्थानीय रेडियो 'आईसीआई नॉर्मंडी' को हादसे की आपबीती बताते हुए कहा कि अचानक ट्रेन में कुछ झटके महसूस हुए और लगभग तीन सेकंड के भीतर ही झटके बहुत तेज और भयानक हो गए. उन्होंने आगे बताया कि मैं अपनी सीट पर टिका नहीं रह सका. डिब्बे की खिड़कियों के कांच आंशिक रूप से टूट गए और पटरियों के पत्थर बोगी के अंदर आ गिरे. यह बेहद चौंकाने वाला अनुभव था और मैं अब भी कांप रहा हूं.
🇫🇷 French police suspect SABOTAGE may have caused a passenger train to derail in Normandy, injuring at least 44 people.
The train was carrying around 180 passengers between Rouen and Caen when it derailed near Cléon and Tourville-la-Rivière yesterday evening.
One young woman…— Mario Nawfal (@MarioNawfal) September 12, 2026
फ्रांसीसी रेल नेटवर्क को मैनेज करने वाली कंपनी 'SNCF Reseau' ने तुरंत एक्शन लेते हुए बताया कि इमरजेंसी सर्विसेज और रेस्क्यू टीम्स बिना किसी खतरे के अपना काम संभाल सकें, इसके लिए उस पूरे ट्रैक पर रेल ट्रैफिक को सस्पेंड कर दिया गया और पटरियों की बिजली सप्लाई को भी पूरी तरह काट दिया गया. कंपनी ने ऑफीशियली यह भी साफ किया कि इस समय डरे हुए यात्रियों की ठीक से देखभाल करना, उन्हें मेडिकल हेल्प पहुंचाना और उसके बाद ट्रैक पर सुरक्षित तरीके से ट्रेनों का ऑपरेशन फिर से बहाल करना ही उनकी नंबर वन प्रायोरिटी है.
वहीं दूसरी तरफ, इस पूरे मामले को देख रहे अभियोजक सेबस्टियन गैलोइस ने सिचुएशन क्लियर करते हुए बताया कि ट्रेन के ड्राइवर का मौके पर ही ड्रग्स और अल्कोहल टेस्ट कराया गया था, जिसकी रिपोर्ट पूरी तरह से नेगेटिव आई है और फिलहाल रेल अथॉरिटीज और लोकल पुलिस मिलकर इस बात की बेहद गहराई से जांच कर रहे हैं कि आखिरकार इस खतरनाक एक्सीडेंट के पीछे का असली और सटीक कारण क्या था.