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Four day work Week: ब्रिटेन में अब सिर्फ 4 दिन करना होगा काम, 70 कंपनियों ने शुरू की नई व्यवस्था

दुनिया के कई देशों में 4 दिन के वर्क वीक को लेकर ट्रायल किए जा रहे हैं. भारत में भी इस व्यवस्था पर विचार चल रहा है.

Four day work Week: ब्रिटेन में अब सिर्फ 4 दिन करना होगा काम, 70 कंपनियों ने शुरू की नई व्यवस्था

four day work week

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डीएनए हिंदीं: अब ब्रिटेन के लोगों को सप्ताह में सिर्फ चार दिन काम (Four day Work week) करना होगा.  ब्रिटेन की 70 बड़ी कंपनियां एक जून से  ट्रायल बेसिस पर चार दिन के वर्कवीक की शुरुआत की गई है. इसका मकसद कर्मचारियों के काम का समय कम करना है. इसके जरिए छह महीने तक लोगों के काम की गुणवत्ता और इसके नतीजों का अध्ययन किया जाएगा. यानी ब्रिटेन की इन 70 कंपनियों  में 4 दिन का यह वर्क वीक दिसंबर तक चलेगा. 

3,000 कर्मचारी शामिल
इस ट्रायल के लिए इन 70 कंपनियों के 3000 कर्मचारियों को शामिल किया गया है. इस दौरान उनकी सैलरी में कोई फर्क नहीं आएगा. उन्हें हफ्ते में सिर्फ चार दिन या अधिकतम 32 घंटे काम करना होगा. उन्हें एक हफ्ते में तीन दिन की छुट्टी मिलेगी. हालांकि इस दौरान सबसे बड़ी चुनौती होगी इन कर्मचारियों की प्रोडक्टिविटी को मापना. पांच दिन की बजाय चार दिन काम करने से काम के नतीजों में क्या फर्क पड़ा है, इसका अध्ययन करने के बाद ही आगे का फैसला लिया जाएगा. 

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इन देशों में भी हो चुकी है शुरुआत
अरब देश यूएई ने सरकारी संस्थानों में जनवरी 2022 से हफ्ते में साढ़े चार दिन काम की व्यवस्था लागू की थी। इसके तहत कर्मचारी जुमे के दिन यानी शुक्रवार को आधा दिन काम करते हैं और शनिवार-रविवार को छुट्टी रहती है. जापानी कंपनी पैनासोनिक ने हफ्ते में चार दिन काम की व्यवस्था शुरू की है. न्यूजीलैंड में मल्टीनेशनल कंपनी यूनिलीवर (Unilever) ने अपने कर्मचारियों के लिए दिसंबर 2020 में एक साल का चार-दिवसीय कार्य सप्ताह शुरू किया था. इसके अलावा स्पेन (Spain), आइसलैंड (Iceland), अमेरिका (US) और कनाडा (Canada) में पहले ही इस तरह के ट्रायल शुरू हो चुके हैं. 

भारत में लागू हुआ ऐसा नियम तो...
जहां तक भारत में इस तरह की व्यवस्था की बात है तो इसे लेकर यहां भी योजना बनाई जा रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक अगर भारत में यह व्यवस्था लागू होती है तो यहां एक हफ्ते में काम के 48 घंटे पूरे करने होंगे यानी हर दिन 12 घंटे. इस व्यवस्था के लागू होने के बाद कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी कम करके पीएफ की राशि को बढ़ाए जाने की बात भी सामने आ रही है. 

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