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Elon Musk: 70, 90 तो छोड़िए, अब एलन मस्क ने दे डाली हफ्ते में 120 घंटे काम करने की सलाह, लोगों ने कर दी खिंचाई

एलन मस्क ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर 120 घंटे काम करने को लेकर एक पोस्ट की. जिसके बाद लोगों ने इसे गुलामी जैसी संस्कृति करार दिया. अब एक बार फिर वर्क-लाइफ बैलेंस को लेकर फिर से बहस छिड़ गई.

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Elon Musk: 70, 90 तो छोड़िए, अब एलन मस्क ने दे डाली हफ्ते में 120 घंटे काम करने की सलाह, लोगों ने कर दी खिंचाई

Elon Musk

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टेक दिग्गज एलन मस्क (Elon Musk) एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनकी कोई नई तकनीक नहीं, बल्कि 120 घंटे काम करने को लेकर दिया गया बयान है. मस्क ने हाल ही में अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने बताया कि उनकी टीम सप्ताह में 120 घंटे तक काम कर रही है, जबकि सरकारी कर्मचारी सिर्फ 40 घंटे काम कर रहे हैं. इसके बाद सोशल मीडिया पर यह बहस छिड़ गई कि क्या इतने लंबे समय तक काम करना सही है?

मस्क की पोस्ट और उठे सवाल
एलन मस्क ने अपनी पोस्ट में संकेत दिया कि उनकी कंपनी और कुछ विभाग सप्ताह में 120 घंटे काम कर रहे हैं. अगर इसे प्रतिदिन के हिसाब से देखा जाए, तो यह 17 घंटे प्रतिदिन बैठता है. इस बयान के बाद लोगों ने सवाल उठाया कि क्या यह वर्क कल्चर लोगों की सेहत और निजी जिंदगी के लिए ठीक है? एक यूजर ने कमेंट किया, 'इतने घंटे काम करना गुलामी जैसा है. अमेरिका में अनऑफिशियल ओवरटाइम अवैध है, तो फिर कैसे यह मुमकिन है? वहीं, एक अन्य यूजर ने लिखा, 'टेक इंडस्ट्री का सबसे बुरा पहलू यही है कि कर्मचारियों से ज्यादा से ज्यादा काम करवाया जाता है, कम वेतन दिया जाता है और फिर एक झटके में नौकरी से निकाल दिया जाता है.'

पहले भी हो चुकी है ऐसी बयानबाजी
एलन मस्क अकेले ऐसे उद्योगपति नहीं हैं, जिन्होंने ज्यादा काम करने की वकालत की है. इससे पहले इंफोसिस के फाउंडर नारायण मूर्ति और L&T के चेयरमैन एसएन सुब्रह्मण्यन भी कह चुके हैं कि भारत को विकसित बनने के लिए सप्ताह में 70 घंटे तक काम करना चाहिए. लेकिन मस्क का 120 घंटे वाला बयान इससे भी आगे निकल गया, जिससे विवाद और बढ़ गया.


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क्या कहता है शोध?
विशेषज्ञों का कहना है कि 40 से 45 घंटे से अधिक काम करने से मेंटल और फिजिकल हेल्थ पर बुरा असर पड़ता है. लंबे समय तक काम करने से लोग तनाव, डिप्रेशन, हाई ब्लड प्रेशर और अन्य गंभीर बीमारियों के शिकार हो सकते हैं. साथ ही, यह उनकी निजी जिंदगी और पारिवारिक संबंधों को भी प्रभावित करता है.

सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा
एलन मस्क के इस बयान ने एक बार फिर वर्क-लाइफ बैलेंस को लेकर बहस छेड़ दी है. जहां कुछ लोग मेहनत के पक्षधर हैं, वहीं अधिकतर लोग इसे अमानवीय और स्वास्थ्य के लिए खतरनाक बता रहे हैं. अब देखना होगा कि इस विवाद पर मस्क की क्या प्रतिक्रिया आती है.

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