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वैश्विक अशांति के बीच एस जयशंकर का बड़ा बयान, BRICS बनेगा तर्क, संवाद और बदलाव की आवाज, संयुक्त राष्ट्र में सुधार की अपील

न्यूयॉर्क में BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक को संबोधित करते हुए एस. जयशंकर ने बहुपक्षवाद, संयुक्त राष्ट्र सुधार, वैश्विक शांति और बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली की रक्षा पर जोर दिया.

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वैश्विक अशांति के बीच एस जयशंकर का बड़ा बयान, BRICS बनेगा तर्क, संवाद और बदलाव की आवाज, संयुक्त राष्ट्र में सुधार की अपील

एस. जयशंकर 

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विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बीते शुक्रवार को न्यूयॉर्क में BRICS देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में शिरकत की और इसे संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में जब बहुपक्षवाद दबाव में है, तब BRICS ने एक मजबूत और रचनात्मक आवाज के रूप में अपनी भूमिका निभाई है. उन्होंने जोर देकर कहा कि यह समूह वैश्विक मुद्दों पर संतुलित और तर्कसंगत दृष्टिकोण रखने के लिए खड़ा हुआ है. इस बैठक को उन्होंने एक महत्वपूर्ण अवसर बताते हुए कहा कि BRICS देशों को मिलकर एक ज्यादा संतुलित और स्थिर वैश्विक व्यवस्था बनाने में योगदान देना होगा. 

जयशंकर ने अपने संबोधन में कहा कि दुनिया इस समय कई तरह की अशांति और अनिश्चितताओं का सामना कर रही है. ऐसे माहौल में शांति निर्माण, संवाद, कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन बेहद जरूरी हो जाता है. उन्होंने कहा कि BRICS को इन मूल्यों को आगे बढ़ाने और मजबूत करने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए. विदेश मंत्री ने संयुक्त राष्ट्र (UN) सुधारों की आवश्यकता पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि BRICS को संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख अंगों, खासकर सुरक्षा परिषद में सुधार की सामूहिक मांग को और अधिक मजबूत करना होगा. यह सुधार एक ज्यादा प्रतिनिधिक और प्रभावी वैश्विक शासन प्रणाली की दिशा में अहम कदम होगा. 


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आर्थिक चुनौतियों की ओर ध्यान दिलाया

भारत की BRICS अध्यक्षता की प्राथमिकताओं का ज़िक्र करते हुए जयशंकर ने कहा कि भारत का फोकस खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और सतत विकास पर रहेगा. उन्होंने बताया कि इन लक्ष्यों को डिजिटल परिवर्तन, स्टार्टअप, नवाचार और मजबूत विकास साझेदारी के माध्यम से आगे बढ़ाया जाएगा. इसके साथ ही उन्होंने आर्थिक चुनौतियों की ओर ध्यान दिलाया. जयशंकर ने कहा कि बढ़ता संरक्षणवाद, शुल्क अस्थिरता और गैर-शुल्क बाधाएं वैश्विक व्यापार प्रवाह को प्रभावित कर रही हैं. ऐसे में BRICS की जिम्मेदारी है कि वह बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली की रक्षा करे. उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में तकनीक और नवाचार BRICS सहयोग को नए आयाम देंगे. 

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