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Donald Trump: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच ट्रंप की जेलेंस्की को दो टूक, 'तानाशाह' कहकर दे डाली कड़ी चेतावनी

Russia-Ukraine War: डोनाल्ड ट्रंप ने जेलेंस्की को 'बिना चुनाव का तानाशाह' कहा और संकेत दिए कि अमेरिका अब यूक्रेन की मदद नहीं करेगा. जिसके बाद अब यूरोप पर जेलेंस्की की आखिरी उम्मीद टिकी है , लेकिन अमेरिका के बिना कितना समर्थन मिलेगा, यह सवाल बना हुआ है.

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Donald Trump: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच ट्रंप की जेलेंस्की को दो टूक, 'तानाशाह' कहकर दे डाली कड़ी चेतावनी

Donald Trump- Volodymyr Zelenskyy

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Russia-Ukraine War: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और अमेरिका के नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच तनाव खुलकर सामने आ गया है. सऊदी अरब में अमेरिका और रूस के बीच यूक्रेन युद्ध पर हुई बातचीत के बाद जेलेंस्की भड़क गए. उन्होंने इस बैठक पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि बिना यूक्रेन की सहमति के कोई भी बातचीत बेकार है. लेकिन उनका यह गुस्सा अब भारी पड़ सकता है, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने न सिर्फ उन्हें आड़े हाथों लिया, बल्कि उन्हें 'बिना चुनाव के तानाशाह' तक कह दिया.

ट्रंप ने जेलेंस्की पर कसा तंज
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर ज़ेलेंस्की पर तीखा हमला किया. उन्होंने लिखा, 'बिना चुनाव के तानाशाह जेलेंस्की के लिए अच्छा होगा कि वह जल्दी से आगे बढ़ें, वरना उनके पास कोई देश नहीं बचेगा.' ट्रंप ने यह भी आरोप लगाया कि जेलेंस्की चुनाव नहीं करवा रहे क्योंकि उन्हें अपनी हार का डर है. उन्होंने कहा, 'यूक्रेन में चुनाव नहीं हुए क्योंकि जेलेंस्की जानते हैं कि वह हार जाएंगे. 

यूक्रेन के लिए बुरी खबर?
ट्रंप के इस बयान के बाद अब यह लगभग साफ हो गया है कि अमेरिका यूक्रेन को भविष्य में कोई बड़ी सैन्य मदद नहीं देगा. अब तक जेलेंस्की अमेरिकी हथियारों और वित्तीय सहायता के बल पर रूस से लड़ रहे थे, लेकिन ट्रंप की सत्ता में वापसी के साथ ही यह सहायता कटने की आशंका बढ़ गई है. ट्रंप पहले ही कह चुके हैं कि वह रूस-यूक्रेन युद्ध को जल्द खत्म करना चाहते हैं, और इसके लिए वह पुतिन के साथ बातचीत कर रहे हैं.


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यूरोप पर टिकी जेलेंस्की की उम्मीद
अब जेलेंस्की की आखिरी उम्मीद यूरोपीय देशों से बची है. लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या यूरोपीय संघ अमेरिका के बिना यूक्रेन को उसी स्तर पर समर्थन दे पाएगा? कई यूरोपीय देश पहले ही सैन्य संसाधनों की कमी की शिकायत कर चुके हैं. ऐसे में जेलेंस्की की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं.

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