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हरियाणा के बालेश धनखड़ को मिली ऑस्ट्रेलिया में 40 साल की सजा, समझें क्या है उसका जुर्म और कौन है ये शख्स

ऑस्ट्रेलिया की एक कोर्ट ने हरियाणा के एक नेता बालेश धनखड़ को 40 साल की सजा सुनाई है. धनखड़ पर पांच कोरियन महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप है.

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हरियाणा के बालेश धनखड़ को मिली ऑस्ट्रेलिया में 40 साल की सजा, समझें क्या है उसका जुर्म और कौन है ये शख्स
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Balesh Dhankhar sentenced to 40 years: ऑस्ट्रेलिया की एक कोर्ट ने हरियाणा के एक नेता बालेश धनखड़ को 40 साल की सजा सुनाई है. धनखड़ पर पांच कोरियन महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप है. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस शख्स पर पांच कोरियाई महिलाओं के साथ सुनियोजित तरीके से यौन उत्पीड़न की घटना को अंजाम देने का' आरोप है. अब इस शख्स को 30 साल की सजा बगैर किसी पैरोल के भुगतनी होगी.

धनखड़ महिलाओं को धोखा देने के लिए फर्जी नौकरी विज्ञापनों का इस्तेमाल करता था, उन्हें अपने सिडनी घर के आसपास के स्थानों पर बुलाता था, जहां वह उन्हें नशीला पदार्थ खिलाता था और उनके साथ मारपीट करता था. समाचार एजेंसी ऑस्ट्रेलियन एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार आईटी सेक्टर में काम कर चुके बालेश महिला को नशा देने के बाद उनका यौन उत्पीड़न करता था.

रिपोर्ट में कहा गया है कि उसने महिलाओं के साथ किए अपराधों को कैमरे में कैद रखा था ताकि भविष्य में उन्हें परेशान किया जा सके. 

शुक्रवार को धनखड़ को सजा सुनाते हुए, जिला न्यायालय के न्यायाधीश माइकल किंग ने उसके कामों को 'पूर्व-नियोजित, अच्छे तरीके से सोच-समझकर और चालाकी से किया गया बताया. न्यायाधीश ने कहा कि धनखड़ ने अपनी संतुष्टि के लिए पीड़ितों को बुरी तरह नुकसान पहुंचाया. रिपोर्ट में जज का हवाला देते हुए कहा गया, 'यह पांच महिलाओं के खिलाप सोचा-समझा गया घृणित अपराध था.' सभी पीड़ितों की उम्र 21 और 27 के बीच बताई जा रही है. 

धनखड़ ने एक ऐसी एक्सेल स्प्रेडशीट बनाई थी, जिसमें उसने अपने फर्जी नौकरी विज्ञापनों के आवेदकों को उनकी शक्ल और बुद्धि के आधार पर रेटिंग दी थी. इसमें प्रत्येक पीड़ित के साथ उसकी बातचीत का विवरण भी था, जिसमें उनकी व्यक्तिगत जानकारी और उनकी कमजोरी का आकलन भी शामिल था.

कौन है बालेश धनखड़
2018 में अपनी गिरफ्तारी से पहले तक, धनखड़ भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय में काफी लोकप्रिय था. रिपोर्ट के अनुसार, उसने भारतीय जनता पार्टी के एक सैटेलाइट समूह की स्थापना की और हिंदू काउंसिल ऑफ ऑस्ट्रेलिया के प्रवक्ता के रूप में काम किया. उसने एबीसी, ब्रिटिश अमेरिकन टोबैको, टोयोटा और सिडनी ट्रेन्स जैसे संगठनों के साथ डेटा विज़ुअलाइज़ेशन कंसल्टेंट के रूप में काम किया था. धनखड़ 2006 में एक छात्र के रूप में ऑस्ट्रेलिया पहुंचा था. 

न्यायाधीश ने कहा कि दूसरों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए काम करने वाले एक सामाजिक रूप से सक्रिय व्यक्ति के रूप में उसकी बाहरी छवि 'उसके गंभीर रूप से दोषपूर्ण और शिकारी चरित्र के साथ पूरी तरह से असंगत थी', अदालत में सामने आई. अक्टूबर 2018 में उसके पांचवें अपराध के बाद, पुलिस ने सिडनी के केंद्रीय व्यापार जिले में उसके यूनिट पर छापा मारा, जहां उसे डेट-रेप ड्रग्स और एक वीडियो रिकॉर्डर मिला, जिसे घड़ी रेडियो के रूप में छिपाया गया था. 2023 में एक जूरी ने उसे 39 अपराधों का दोषी पाया, जिसमें यौन उत्पीड़न के 13 मामले शामिल थे. 


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क्या है धनखड़ का पक्ष
धनखड़ ने महिलाओं को नशीला पदार्थ देने या गैर-सहमति वाले यौन संबंध बनाने से इनकार किया. एक लेखक को बताया कि 'मैं सहमति की व्याख्या कैसे करता हूं, और कानून सहमति को कैसे देखता है, इसमें अंतर है.' उसकी गैर-पैरोल अवधि अप्रैल 2053 में खत्म होगी. उसकी पूरी 40 साल की सजा तब समाप्त होगी जब वह 83 वर्ष का हो जाएगा.

 

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