दुनिया
डोनाल्ड ट्रंप जैसे नेता भले ही ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की धमकी दे रहे हों, लेकिन खामेनेई को निशाना बनाना किसी मूवी मिशन से कम नहीं. ईरान की यह सुरक्षा रणनीति उनके सर्वोच्च नेता के लिए सुरक्षा के लिए हैं, जो सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक ऐसी संस्था है जिसकी रक्षा में पूरा सिस्टम जुटा है.
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई न केवल इस्लामिक रिपब्लिक के आध्यात्मिक और राजनीतिक प्रमुख हैं, बल्कि वे ईरान की रणनीतिक शक्ति का केंद्र भी माने जाते हैं. उनका कद इतना बड़ा है कि उन्हें निशाना बनाना किसी भी देश के लिए आसान नहीं, खासकर अमेरिका और इज़राइल जैसे शक्तिशाली देशों के लिए भी. इसकी एक बड़ी वजह है उनकी अभेद्य और जटिल सुरक्षा व्यवस्था, जिसे दुनिया के सबसे सख्त सुरक्षा घेरे में गिना जाता है.
'सुप्रीम लीडर प्रोटेक्शन यूनिट'
खामेनेई की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी ईरान की एक विशेष इकाई के पास होती है, जिसे “सुप्रीम लीडर प्रोटेक्शन यूनिट” कहा जाता है. ये यूनिट ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) और खुफिया एजेंसियों के साथ मिलकर काम करती है. ये दस्ते हाई-टेक निगरानी, कड़ी चेकिंग, और मल्टी-लेयर सुरक्षा घेरे के लिए जाने जाते हैं.
बंकरनुमा रेजिडेंस किसी भी हमले से सुरक्षित
खामेनेई का निवास स्थान (जिसे आमतौर पर "बैत-ए-रहबर" कहा जाता है) पूरी तरह से बुलेटप्रूफ, बमप्रूफ और अंडरग्राउंड बंकर सुविधाओं से लैस है. इसका स्थान सार्वजनिक नहीं है, और वहां तक पहुंचने के रास्ते तक गोपनीयता में डूबे हुए हैं. इसके अलावा, खामेनेई अक्सर लो-प्रोफाइल ट्रैवल करते हैं. बिना किसी बड़े काफिले या खुले संकेतों के. ये रणनीति भी उनकी सुरक्षा का अहम हिस्सा है.
AI, ड्रोन और इलेक्ट्रॉनिक जैमर का प्रयोग
ईरानी सुरक्षा बल आधुनिक तकनीक का भी पूरा इस्तेमाल करते हैं. जैसे ड्रोन सर्विलांस, इलेक्ट्रॉनिक जैमर्स (ताकि कोई सिग्नल ट्रैक न कर सके), और AI-आधारित थ्रेट मॉनिटरिंग. खामेनेई के आस-पास मौजूद हर व्यक्ति की स्क्रीनिंग होती है, और केवल कुछ चुनिंदा लोग ही उनके पास तक जा सकते हैं.
इंटेलिजेंस नेटवर्क खतरे से पहले देती है ख़बर
खामेनेई की सुरक्षा सिर्फ बॉडीगार्ड्स या बुलेटप्रूफ गाड़ियों पर नहीं टिकी, बल्कि एक शक्तिशाली खुफिया नेटवर्क पर भी आधारित है. ईरान की खुफिया एजेंसियां देश और विदेश में सभी संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखती हैं, विशेष रूप से अमेरिका और इज़रायल पर खासकर.