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NASA लंबे वक्त से इस नई जेनरेशन के मिशन पर काम कर रहा था और इस स्पेसक्राफ्ट का वापस आना एक बड़ी सफलता है.
डीएनए हिंदी: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने आज एक बड़ी सफलता हासिल की है. एजेंसी का Next Generation का अंतरिक्ष स्पेसक्राफ्ट (Artemis 1 Orion Capsule) 26 दिनों के मिशन के बाद सुरक्षित धरती पर वापस आ गया है. ओरियन कैप्सूल ने पृथ्वी के वायुमंडल में तेज आवाज के साथ प्रवेश किया और यह वापस आकर प्रशांत महासागर में गिरा. जानकारी के मुताबिक इसकी रफ्तार को धीमा करने के लिए पैराशूट का इस्तेमाल किया गया था.
नासा का यह एक अहम प्रोजेक्ट था और इसलिए इसे नासा की भविष्य की स्पेस साइंस के लिहाज से एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है. यह पहली बार था और इसे एक ट्रायल के तौर पर भेजा गया है, इसलिए इस बार इसमें किसी इंसान को नहीं भेजा गया था. नासा का प्लान है कि किसी इसके जरिए ही चांद तक इंसानों को भेजा जाए.
मिशन मून पर निकला आर्टेमिस-1, NASA ने केनेडी स्पेस सेंटर से किया लॉन्च
Splashdown.
— NASA (@NASA) December 11, 2022
After traveling 1.4 million miles through space, orbiting the Moon, and collecting data that will prepare us to send astronauts on future #Artemis missions, the @NASA_Orion spacecraft is home. pic.twitter.com/ORxCtGa9v7
NASA चांद पर इंसानों को भेजने की तैयारी में है. इंसानों को चांद पर भेजने का काम मुश्किल नहीं है लेकिन मुश्किल काम उन्हें वापस लाना है. इसीलिए नासा द्वारा ऐसे कैप्सूल तैयार किए जा रहे हैं जो इंसानों को सुरक्षित धरती पर चांद से मिशन के बाद ला सकें. आर्टेमिस-1 के अलावा आर्टेमिस-2 और आर्टेमिस-3 भेजे जाएंगे.
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बता दें कि आर्टेमिस 2 साल 2024 में भेजा जाएगा और उसमें इंसानों को भेजा जाएगा. हालांकि वे भी चंद्रमा का चक्कर लगाकर वापस आ जाएंगे. आर्टेमिस-3 में वैज्ञानिक धरती पर उतरेंगे. नासा ने इस मिशन के लिए समय सीमा साल 2025 और 2026 की रखी है, इसीलिए पहले के दोनों मिशनों का सफल होना सबसे ज्यादा जरूरी है.
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