Advertisement

ईरान को चीन-रूस से जोड़ने वाले रेल नेटवर्क को अमेरिका ने निशाना बनाया, क्यों भीषण युद्ध भड़का सकता है ये हमला?

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. 9 जुलाई को अमेरिका ने पहले दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी ईरान में कई जगहों पर हमले किए. इसके बाद एक अहम रेल नेटवर्क को भी निशाना बनाया गया जो ईरान के लिए लाइफ-लाइन है.

Latest News
ईरान को चीन-रूस से जोड़ने वाले रेल नेटवर्क को अमेरिका ने निशाना बनाया, क्यों भीषण युद्ध भड़का सकता है ये हमला?

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. (AI इमेज)

Add DNA as a Preferred Source
  • ईरान और अमेरिका के बीच फिर शुरू हुई जंग.
  • अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों पर एक साथ हमला किया.
  • ईरान ने कहा- अमेरिका को अंजाम भुगतना होगा.


America vs Iran: अमेरिका और ईरान ने एक बार फिर से एक दूसरे पर नए सिरे से हमले शुरू कर दिए हैं. इन हमलों से खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है और फिर एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध की आशंका प्रबल हो गई है. तनाव में यह नई बढ़ोतरी तब हुई जब गुरुवार, 9 जुलाई को अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले किए. अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य में कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों का जवाब थी. इसके जवाब में ईरान ने मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और सहयोगी देशों की सुविधाओं को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले किए. इस बार के अमेरिका हमले पहले से अलग हैं. अमेरिका ने इस बार उत्तरी ईरान का एक अहम रेलवे पुल को भी निशाना बनाया है. यह पुल एक रणनीतिक ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर पर स्थित है जो ईरान को  चीन और रूस से जोड़ता है. 

क्यों खतरनाक हो सकता है रेल नेटवर्क पर हमला?

ईरान की समाचार एजेंसी 'फॉर्स'ने बताया है कि गोलेस्तान प्रांत में 'अक तेकेह खान' पुल पर एक प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ. शुरुआती रिपोर्टों में किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं मिली और न ही नुकसान की सीमा के बारे में कोई विवरण दिया गया. अमेरिका द्वारा इस पुल को निशाना बनाए जाने के पीछे इसका सामरिक महत्व है.  'अक तेकेह खान' पुल ईरान को तुर्कमेनिस्तान और कजाकिस्तान से जोड़ने वाले रेल कॉरिडोर का एक मुख्य हिस्सा है. यही आगे चलकर चीन तक पहुंच प्रदान करता है. साल 2025 के अंत से रूस भी ईरान के लिए अपने कार्गो की शिपमेंट भेजने के लिए इसी भूमि मार्ग का इस्तेमाल कर रहा है. इस साल अमेरिका द्वारा ईरान के समुद्री बंदरगाहों की जो घेराबंदी की गई थी, उससे बचने के लिए ईरान इसी जमीनी रेल मार्ग के जरिए चीन और रूस जैसे अपने रणनीतिक साझेदारों से व्यापार बनाए रख पा रहा था. 

क्यों भीषण युद्ध भड़कने का खतरा बढ़ गया?

'अक तेकेह खान' पुल पर हमले का जवाब  ईरान खाड़ी देशों में मिसाइल हमले से दिया. ईरान के 'रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स' (IRGC) ने कुवैत, बहरीन और कतर में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर  बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला करने का दावा किया है. ईरान ने जॉर्डन के एक सैन्य बेस को भी निशाना बनाया. ईरान का पलटवार दिखाता है कि ये रेल नेटवर्क उसके लिए कितना अहम है. हवाई हमलों के कारण ईरान ने अपनी राजधानी तेहरान और पूर्वोत्तर के प्रमुख शहर मशहद के बीच चलने वाली सबसे व्यस्त यात्री ट्रेन सेवाओं को निलंबित कर दिया है क्योंकि रेल पटरियों को भारी नुकसान पहुंचा है. माना जा रहा है कि अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ईरान भीषण पलटवार करेगा. 

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement