Advertisement

US visa policy: जांच से नहीं मिलेगी छूट, अमेरिका ने कहा – वीजा जारी होने का मतलब क्लीन चिट नहीं

अमेरिकी दूतावास ने हाल ही में F, M और J श्रेणी के नॉन-इमिग्रेंट वीजा आवेदकों को सलाह दी है कि वे जांच प्रक्रिया के दौरान अपने सोशल मीडिया अकाउंट सार्वजनिक रखें. ये वीज़ा आमतौर पर छात्रों और एक्सचेंज विजिटर्स को दिए जाते हैं. इसी संदर्भ में अमेरिका ने चेतावनी दी है.

Latest News
US visa policy: जांच से नहीं मिलेगी छूट, अमेरिका ने कहा – वीजा जारी होने का मतलब क्लीन चिट नहीं

Strictness in US visa policy

Add DNA as a Preferred Source

भारत स्थित अमेरिकी दूतावास ने हाल ही में एक सख्त चेतावनी जारी की है, जिसमें कहा गया है कि अमेरिकी कानून या इमिग्रेशन नियमों का उल्लंघन करने वाले वीजा धारकों को डिपोर्ट किया जा सकता है. यह चेतावनी शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक आधिकारिक बयान के जरिए जारी की गई. 

बयान में स्पष्ट रूप से कहा गया 

"वीजा जारी होने के बाद जांच बंद नहीं होती. हम यह सुनिश्चित करने के लिए वीजा धारकों की नियमित जांच करते हैं कि वे अमेरिकी कानूनों का पालन कर रहे हैं. उल्लंघन की स्थिति में वीजा रद्द कर दिया जाएगा और व्यक्ति को देश से निष्कासित किया जा सकता है." 

सोशल मीडिया पर निगरानी होगी  

यह चेतावनी उस सलाह के कुछ दिनों बाद सामने आई है जिसमें F, M और J नॉन-इमिग्रेंट वीजा के आवेदकों को यह निर्देश दिया गया था कि वे अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स को सार्वजनिक रखें ताकि इमिग्रेशन अधिकारी उनकी गतिविधियों की जांच कर सकें. ये वीज़ा श्रेणियाँ आमतौर पर स्टूडेंट्स और एक्सचेंज विज़िटर्स को दी जाती हैं. 

दूतावास ने यह भी चेतावनी दी कि यदि कोई आवेदक सोशल मीडिया से संबंधित गलत जानकारी देता है या कोई जानकारी छिपाता है, तो उसका वीज़ा अस्वीकृत किया जा सकता है और स्थायी रूप से अयोग्य घोषित किया जा सकता है. 

वीजा है "विशेषाधिकार",  अधिकार नहीं 

एक पुराने बयान में भी अमेरिकी दूतावास ने दोहराया था कि वीज़ा किसी का "अधिकार" नहीं है, बल्कि यह एक राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा विशेषाधिकार है. इसलिए हर आवेदक को गंभीरता से जांचा जाएगा. 

नया वीज़ा इंटेग्रिटी शुल्क भी लागू होगा 

साल 2026 से, अमेरिका सभी नॉन-इमिग्रेंट वीजा कैटेगरी के लिए $250 का "वीजा इंटेग्रिटी फी" लागू करेगा. यह एक तरह का सिक्योरिटी डिपॉज़िट होगा, जिसे आवेदक द्वारा नियमों का पालन करने पर वापस किया जा सकता है. 

ट्रंप प्रशासन की सख्त इमिग्रेशन नीति 

इन सभी उपायों से स्पष्ट है कि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा लागू की गई कड़ी इमिग्रेशन नीतियों में कोई ढील नहीं दी जा रही है. अमेरिकी दूतावास लगातार डिजिटल माध्यम से जन-जागरूकता अभियान चला रहा है, जिसमें गैरकानूनी तरीके से अमेरिका में प्रवेश करने वालों को जेल, डिपोर्टेशन और भविष्य में वीजा से वंचित होने की चेतावनी दी जा रही है. 

अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए हमारे गूगलफेसबुकxइंस्टाग्रामयूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से जुड़ें.

    Read More
    Advertisement
    Advertisement
    Advertisement