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AI से लेकर चंद्रयान 5 मिशन में सहयोग..., पीएम मोदी ने जापान दौरे पर 6 अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का किया ऐलान

PM Modi Japan Visit: भारत और जापान ने अगले दशक के लिए बड़ा रोडमैप तैयार किया. AI, डिजिटल साझेदारी, सेमीकंडक्टर, अंतरिक्ष मिशन और निवेश जैसे 6 क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का ऐलान किया गया.

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AI से लेकर चंद्रयान 5 मिशन में सहयोग..., पीएम मोदी ने जापान दौरे पर 6 अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का किया ऐलान

पीएम मोदी का जापान दौरा 

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PM Modi Japan Visit: भारत और जापान ने अपनी साझेदारी को नए मुकाम पर ले जाने का संकल्प जताया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा ने टोक्यो में शुक्रवार यानि 29 अगस्त को संयुक्त प्रेस वार्ता की. इस दौरान दोनों नेताओं ने न केवल द्विपक्षीय रिश्तों को मज़बूत करने की बात कही, बल्कि आने वाले दशक के लिए एक  रोडमैप भी जारी किया. इसमें निवेश, तकनीक, पर्यावरण, स्वास्थ्य, अंतरिक्ष समेत कई अन्य क्षेत्रों में सहयोग पर जोर दिया गया. 

10 ट्रिलियन येन का निवेश

पीएम मोदी ने कहा कि भारत-जापान केवल दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं नहीं, बल्कि जीवंत लोकतंत्र भी हैं. यही वजह है कि उनकी साझेदारी वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए भी अहम है. उन्होंने बताया कि आने वाले 10 साल में जापान से 10 ट्रिलियन येन निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य रखा गया है. इस दौरान दोनों देशों ने Economic Security Cooperation Initiative शुरू करने का भी निर्णय लिया, ताकि रणनीतिक और महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को गति मिले. 

भारत-जापान संबंधों को नई ऊंचाई देने पर जोर 

तकनीकी क्षेत्र में दोनों देश मिलकर Digital Partnership 2.0 और AI Cooperation Initiative पर काम करेंगे. इसके अलावा सेमीकंडक्टर्स और रेयर अर्थ मिनरल्स को भी साझा एजेंडे में शामिल किया गया है. पीएम मोदी ने कहा कि ये कदम भारत-जापान संबंधों को आर्थिक और तकनीकी रूप से नई ऊंचाई देंगे. 

चंद्रयान 5 मिशन में सहयोग

भारत और जापान के बीच अंतरिक्ष क्षेत्र में भी साझेदारी को और मजबूती मिली है. पीएम मोदी ने बताया कि ISRO और JAXA मिलकर चंद्रयान श्रृंखला के अगले मिशन लूपेक्स (Chandrayaan-5) को लॉन्च करेंगे. यह मिशन 2027-28 में जापान के H3 रॉकेट से लॉन्च होगा, जिसमें ISRO का लैंडर और JAXA का रोवर शामिल होगा. यह मिशन चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र में जल-बर्फ की खोज और अध्ययन करेगा. पीएम मोदी ने कहा कि यह सहयोग न केवल अंतरिक्ष विज्ञान को नई दिशा देगा, बल्कि दोनों देशों के स्टार्टअप्स और इंडस्ट्री को भी जोड़कर नवाचार का बड़ा इकोसिस्टम तैयार करेगा.


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'अंतिम सीमा नहीं, बल्कि अगली सीमा'

पीएम मोदी ने भरोसा जताया कि भारत-जापान के वैज्ञानिक मिलकर नई सीमाओं को छुएंगे. उन्होंने कहा कि भारत के लिए अंतरिक्ष 'अंतिम सीमा नहीं, बल्कि अगली सीमा' है और यह साझेदारी धरती पर जीवन को भी बेहतर बनाने में मदद करेगी. 

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