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US Tariff News: खुद रूस से यूरेनियम खरीदता है अमेरिका और भारत पर टैरिफ अटैक की तैयारी, 60 सांसदों की मंजूरी से पेश हुआ बिल

अमेरिका के दो प्रमुख दल डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन पार्टी के सदस्यों ने मिलकर यह विधेयक तैयार किया, जिसे डेमोक्रेटिक पार्टी के रिचर्ड ब्लूमेंथल और रिपब्लिकन पार्टी के दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने मिलकर तैयार किया था.

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US Tariff News: खुद रूस से यूरेनियम खरीदता है अमेरिका और भारत पर टैरिफ अटैक की तैयारी, 60 सांसदों की मंजूरी से पेश हुआ बिल

60 सांसदों की मंजूरी के साथ अमेरिकी संसद में पेश हुआ 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने वाला बिल (Image Source: ANI)

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  • अमेरिकी संसद के अपर हाउस में पेश हुआ रूस सेंक्शन बिल.
  • बिल में रूस से गैस का आयोत करने वाले यूरोपीय देशों को राहत दी गई है.
  • परमाणु और अंतरिक्ष क्षेत्र में अमेरिका-रूस सहयोग को भी बिल से बाहर रखा गया है.
  • 180 दिन में रूसी तेल खरीदने वाले देशों के आयात की जांच करके टैरिफ में बदलाव का बिल में प्रावधान

रूस को कमजोर करने के लिए तैयार रूस सेंक्शन बिल गुरुवार (16 जुलाई, 2026) को अमेरिकी संसद (Congress) के अपर हाउस सीनेट में पेश हो गया. 60 सांसदों के समर्थन से यह प्रस्ताव लाया गया है, जिसमें भारत समेत पांच देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने का प्रावधान है. रूस से कच्चा तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने का बिल में प्रावधान है. हालांकि, अमेरिका खुद रूस से यूरेनियम का आयात करता है.

रूस से खुद क्या-क्या खरीदता है अमेरिका?
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका अपने परमाणु रिएक्टरों और चिकित्सा जरूरतों के लिए कम संवर्धित यूरेनियम रूस से खरीदता है. बिल में इसे टैरिफ से बाहर रखा गया है. साथ ही परमाणु और अंतरिक्ष क्षेत्र में अमेरिका-रूस सहयोग के तहत की जाने वाली गतिविधियों को भी बिल में शामिल नहीं किया गया है. रूसी गैस का आयात करने वाले यूरोपीय देशों को भी राहत दी गई है. इसके पीछे तर्क दिया गया कि रूस से ये खरीद इन देशों की कुल जरूरत का बहुत छोटा हिस्सा है और ये देश आयात को कम करने के लिए अहम कदम भी उठा रहे हैं. ये देश रूस से कुल प्राकृतिक गैस निर्यात का 15 प्रतिशत से भी कम आयात करते हैं. 

अमेरिका के दो प्रमुख दल डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन पार्टी के सदस्यों ने मिलकर यह विधेयक तैयार किया, जिसे डेमोक्रेटिक पार्टी के रिचर्ड ब्लूमेंथल और रिपब्लिकन पार्टी के दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने मिलकर तैयार किया था.

किन पांच देशों पर टैरिफ लगाने के लिए लाया जा रहा बिल?
बिल में जिन पांच देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने की बात कही गई है, उनमें भारत के अलावा, चीन, हंगरी, अजरबैजान और स्लोवाकिया शामिल हैं. इस विधेयक को रूस के राजनीतिक नेतृत्व, वित्तीय संस्थानों, पावर सेक्टर और प्रतिबंधों से बचने वाले नेटवर्क पर अनिवार्य प्रतिबंध लगाकर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को यूक्रेन के खिलाफ युद्ध के लिए इस्तेमाल होने वाली कमाई से वंचित करने के मकसद से तैयार किया गया है.

क्या टैरिफ में हो सकते हैं बदलाव?
रिचर्ड ब्लूमेंथल ने मंगलवार को कहा था कि प्रस्तावित विधेयक का मकसद रूसी तेल के पांच बड़े खरीदारों चीन, भारत, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान पर 100 प्रतिशत शुल्क लगाना है. विधेयक में यह भी कहा गया है कि हर 180 दिनों में रूसी कच्चे तेल का सबसे ज्यादा आयात करने वाले पांच खरीदारों की समीक्षा की जाएगी और खरीदारी की परिपाटी में बदलाव के आधार पर शुल्क दरों में भी बदलाव किए जाएंगे.

‘लिंडसे ओ ग्राहम प्रतिबंध रूस अधिनियम 2026’ नाम से तैयार इस विधेयक को ग्राहम को श्रद्धांजलि करार दिया गया, जिनका शनिवार को निधन हो गया. विधेयक के पुराने मसौदे में रूस से तेल और गैस खरीदने वालों पर 500 प्रतिशत टैरिफ लगाने का प्रस्ताव किया गया था, लेकिन बाद में इसे कम करके 100 प्रतिशत कर दिया गया था.

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